इंदौर: अखिल भारतवर्षीय नाथ जोगी समाज सकल पंच द्वारा संक्रांति पर्व पर भव्य चल समारोह का आयोजन किया गया उक्त चल समारोह में भगवान गुरु गोरखनाथ के जयकारे के साथ भगवान भोलेनाथ रथ में विराजित रहे। यह चल समारोह दशहरा मैदान से आरंभ होकर सूर्योदय नगर गोरख मंदिर पर संपन्न हुआ इस दौरान हजारों की संख्या में नाथ जोगी समाज से जुड़े समाज शामिल हुए। सूर्योदय नगर गोरख मंदिर में पूजा आरती के बाद गोरख वाटीका स्थल पर संत समागम हुआ। मंच पर विराजित संतों सक्रात पर्व पर चल समारोह निकालने के पीछे उद्देश्य बताया कि इसी दिन भगवान गुरु गोरखनाथ की दीक्षा पूर्ण हुई थी ।
और गुरु आज्ञा पर वह भीक्षाटन के लिए झोली झंडी लेकर निकले गुरु आज्ञा अनुसार उन्हें पकी हुई खिचड़ी भिक्षा में प्राप्त करना थी। अनेक स्थानों पर गुरु उपदेश देते हुए वह आगे बढ़ते रहे हिमाचल प्रदेश में माता ज्वाला देवी के दरबार में भी गोरखनाथ जी महाराज खिचड़ी मांगने हेतु पहुंचे लेकिन पकी हुई खिचड़ी नहीं होने के कारण वहां से आगे बढ़ने लगे यह देखकर माता ज्वाला देवी ने कहा मैं कुछ ही पल में खिचड़ी को पका दूंगी गुरु महाराज ने कहा ठीक बात हे और अपना खप्पर सुपुर्द कर दिया माता ने अहंकार स्वरूप कई जगह अग्नि प्रज्वलित कर दी विशेष कर खप्पर के नीचे भी तेज अग्नि प्रज्वलित कर दी लेकिन खप्पर में रखा पानी ठंडा ही रह गया और गुरुदेव भिक्षाटन के लिए आगे बढ़ गए आज भी हिमाचल में स्थित ज्वाला देवी के दरबार में भगवान गोरखनाथ जी का खप्पर रखा हुआ है ।जिसे गोरख डिब्बी के नाम से जानते हैं आज भी खप्पर के नीचे धधकती आग जल रही है लेकिन पानी अभी भी ठंडा है।
आगे जाकर नेपाल में गोरखनाथ जी महाराज की मंशा पूरी हुई और उन्होंने वही धुनी रमादी जहां-जहां गुरुदेव के चरण पड़े वह स्थान सिद्ध हो गए। उक्त बातें विशेष अतिथि के रूप में महंत राजनाथ महाराज ने बताते हुए कहा कि नाथ जोगी समाज सभी वर्ण समाज का जन्मदाता है। हम सब भगवान शंकर के अनुयाई अंश है। और नाथ जोगी समाज में आज भी कई सिद्ध पुरुष विद्वान है। कार्यक्रम में इंदौर सहित अन्य क्षेत्र से भी समाज के लोग उपस्थित हुए और चल समारोह में भाग लिया कार्यक्रम के अंत में गोरख वाटिका में वसुंधरा भंडारी का आयोजन किया गया जहां सरदार बोले भोजन प्रसादी लाभ लिया। इस दौरान सूर्योदय नगर नाथ जोगी समाज के अध्यक्ष मनोहर योगी लेखराज जोगी राहुल जोगी सहित समिति से जुड़े पदाधिकारी सहित युवा टीम ने विशेष रूप से सहयोग करते हुए कार्यक्रम को सफल बनाया।
