
कालापीपल विधानसभा के जिन गांवों में मुस्लिम नहीं थे, उनके नाम बदल दिए गए
शाजापुर, 12 जनवरी. नाम था हाजीपुर, लेकिन कोई हाजी नहीं था. नाम था मोहम्मदपुर, लेकिन कोई मोहम्मद नहीं था. अब इन गांवों के नाम बदल दिए गए. मंच से मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक-एक गांव का नाम लेकर विधायक घनश्याम चंद्रवंशी के प्रस्ताव पर मोहर लगाई. या यूं कहें कि घनश्याम के लिए मोहन ने बजाई सनातन की मुरली. कालापीपल विधानसभा के 11 गांव अब नए नाम से जाने जाएंगे. मंच से मोहन यादव ने चुटकी लेते हुए एक-एक गांव का नाम लिया और फिर उन्हें बदल दिया गया.
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सबसे पहले कहा कि जब मोहम्मदपुर मछनाई में कोई मोहम्मद नहीं है, तो फिर मोहम्मदपुर कैसा. यदि हो तो नाम रखो. जब है ही नहीं, तो विधायक के प्रस्ताव पर इसका नाम बदलकर मोहनपुर किया जाता है. जब ढाबला हुसैन में कोई हुसैन नहीं तो क्यों हुसैनपुर होना चाहिए.इसे आज से ही ढाबला राम के नाम से जाना जाए. मोहम्मदपुर पवाडिय़ा को रामपुर पवाडिय़ा के नाम से जाना जाएगा. खजूरी अलाहदाद को खजूरी राम कर दो. जब हाजीपुर में कोई हाजी नहीं है, सब तीर्थयात्री हैं, तो फिर इसे हीरापुर होना चाहिए. जब कोई हिसामुद्दीन ही नहीं है, तो इसे निपानिया देव किया जाता है. रिछड़ी मुरादाबाद में कोई मुरादावाद वाले नहीं है, तो फिर इसका नाम रिछड़ी किया जाता है. गांव में जब कोई खलील साहब ही नहीं है तो फिर खलीलपुर कैसा, इसका नाम भी रामपुर होगा. हमारे पास 33 करोड़ देवी-देेवता है, किसी भी नाम से रख लो. जब मुख्तियार साहब नहीं है, तो फिर इसका नाम भी बदलना पड़ेगा. जब इन गांवों में इनके नाम से कोई नहीं है, तो फिर बदलना ही पड़ेंगे. जब शेख साहब नहीं है, तो गांव का नाम कैसे रख सकते हैं. इसका नाम अवधपुरी किया जाता है.
अब कालापीपल विधानसभा सनातन की राह पर
कांग्रेस के कुणाल चौधरी की हार के बाद अब कालापीपल विधानसभा के नए विधायक घनश्याम चंद्रवंशी हैं और वे अब विधानसभा में सनातन की राह पकड़ चुके हैं. इसी क्रम में उन्होंने उन गांवों के नाम बदलने का प्रस्ताव मुख्यमंत्री को दिया, जिन गांवों में मुस्लिम नहीं है या फिर इक्का-दुक्का हैं, उन गांवों के नाम बदलने चाहिए. पहली बार शाजापुर जिले में किसी विधानसभा के इतने गांवों के नाम बदले गए हैं. हालांकि गुलाना का भी नाम परिवर्तन किया गया है, लेकिन किसी एक विधानसभा में 11 गांव के नाम पहली बार बदले गए हैं.
पोलयकलां उप मंडी को मुख्य मंडी किया
कालापीपल की पोलायकला उप मंडी को मुख्यमंडी बनाने की घोषणा की गई. इस अवसर पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने लाड़ली बहना की 20वीं किश्त जारी की और 1553 करोड़ की राशि ट्रांसफर की. 55 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों को 335 करोड़, 26 लाख बहनों को सिलेंडर रिफिलिंग के लिए 27 करोड़ की राशि जारी की गई. मंच से उन्होंने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को लेकर कहा कि केजरीवाल झूठे लाल हैं. जिस कांग्रेस का उन्होंने विरोध किया, वे उसी कांग्रेस के साथ गलबहियां कर रहे हैं. उन्होंने कहा था कि सुरक्षा नहीं लूंगा, लेकिन दस-दस गाडिय़ां लेकर घूम रहे हैं. अगले पांच साल में 2 लाख 70 हजार पदों पर भर्ती होगी और रोजगार के नए अवसर प्रदेश को मिलेंगे. कालापीपल तहसील को राजस्व अनुविभाग का दर्जा घोषित किया गया.
