सतना: भारत की एकता और अखंडता कायम रखने का नेक संदेश देते हुए देश की टॉप साइकिलिस्ट आशा मालवीय तमिलनाडु के कन्याकुमारी से लेकर कारगिल सियाचिन तक की सोलो साइकिल यात्रा पर निकली हैं. यात्रा के दौरान नागौद से होकर गुजरने पर एसडीओपी नागौद विदिता डागर ने होनहार बेटी का स्वागत करते हुए हौसला बढ़ाया.
सोलो साइकिलिस्ट और एथलीट आशा मालवीय मप्र के राजगढ़ की निवासी हैं. वे गत 24 जून को तमिलनाडु के कन्याकुमारी से कारगिल सियाचिन विजय दिवस की रजत जयंती पर भारतीय सेना के सैनिकों की वीरता शौर्य और अदम्य साहस का जश्र मनाने के लिए अकेले ही साइकिल यात्रा पर रवाना हुई हैं. उनके द्वारा अब तक 16 हजार 380 किमी की यात्रा पूरी की जा चुकी है.
इसी कड़ी में देश भ्रमण पर निकलीं देश की टॉप सोलो साइकिलिस्ट के मंगलवार की सुबह नागौद से होकर गुजरने की जानकारी जैसे ही एसडीओपी नागौद विदिता डागर को मिली. वे उनका स्वागत करने के लिए कार्यालय से बाहर निकल आईं. एसडीओपी ने टॉप साकिलिस्ट आशा मालवीय कर दृढ़ इच्छा शक्ति और नेक संदेश देने की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया. इस दौरान नागौद थाना प्रभारी अशोक पाण्डेय भी वहां मौजूद रहे और उन्होंने भी होनहार बेटी का सम्मान किया.
