नयी दिल्ली 17 मार्च (वार्ता) रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि सरकार रेलवे में चौतरफा सुधार में पूरी ताकत और संकल्प से लगी हुई है और आने वाले समय में इसे विश्वस्तर का नेटवर्क बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी जायेगी।
श्री वैष्णव ने सोमवार को राज्यसभा में रेल मंत्रालय के कामकाज पर हुई चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि रेलवे के आधुनिकीकरण पर ट्रेनों से लेकर पटरी तक तेजी से काम किया जा रहा है और कोच से लेकर पटरी तक अत्याधुनिक प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल किया जा रहा है। रेलवे के एक लाख से अधिक कोचों को चरणबद्ध तरीके से अत्याधुनिक बनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे की कुल वित्तीय स्थिति ठीक है और वह कोविड की स्थिति से बाहर निकल गयी है। केंद्रीय बजट में रेल के लिए पर्याप्त आवंटन किया गया है जो ढाई लाख करोड़ रुपए । रेलवे का दो लाख 78 हजार करोड़ का राजस्व है और दो लाख 75 हजार करोड़ रुपए का व्यय है।
उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे कार्गों के लिहाज से दुनिया के तीन शीर्ष देशों में शामिल होने जा रहा है। इस मामले में अमेरिका और चीन के बाद भारत का तीसरा नंबर है। पचास हजार किलोमीटर पटरियों को बदला गया है। कुल 12 हजार से अधिक फ्लाइओवर और पुल बनाये गये हैं। वर्ष 2029 तक सभी कोचों को आधुनिक बना दिया जायेगा। उन्होंने कहा कि देश में एक वर्ष में 1400 लोकोमोटिव बनाये जा रहे हैं और दो लाख वेगन जोड़े गये हैं।
उन्होंने कहा कि यात्रियों को फिलहाल करीब 40 प्रतिशत की सब्सिडी दी जाती है जाे करीब 60 हजार करोड़ रूपये के आस पास है। उन्होंने कहा कि आस पास के देशों से तुलना की जाये तो सबसे कम किराया भारत का है। रेलवे में 2020 के बाद से किराया नहीं बढाया गया है। ऊर्जा पर खर्च करीब करीब 30 हजार करोड़ रूपये पर स्थिर है।
श्री वैष्णव ने कहा कि आधुनिकीकरण के तहत 3300 स्टेशनों पर डिजिटल कंट्रोल प्रणाली चालू हो गयी है। उन्होंने कहा कि आज हमारे देश से आस्ट्रेलिया को मेट्रो के कोच निर्यात शुरू हो गये। रेलवे के महत्वपूर्ण उपकरण बड़े बड़े देशों को किया जा रहा है। लोकोमोटिव और कोच का भी निर्यात किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे में 2024 में भर्ती कलेंडर शुरू किया गया है। सुचारू तरीके से परीक्षा और भर्ती हो रही है और रेलवे में पांच लाख भर्तीयां की जा चुकी हैं और एक लाख की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा को लेकर किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जा रही है और अनेक अत्याधुनिक उपकरण लगाये जा रहे हैं। एक लाख 16 हजार करोड़ रूपये का सुरक्षा पर व्यय किया जा रहा है। लोको पायलट के कमरों में में फुट मसाजर लगाये गये हैं। हर वर्ष दुर्घटनाओं की संख्या 700 से घटकर 70 के आस पास आ गयी है और इसे आगे कम किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि रेलवे के कुल 12 लाख कर्मचारियों में चालीस प्रतिशत भर्ती पिछले दस वर्षों में की गयी है।
उन्होंने कहा कि यह सरकार गरीबों और मध्यम वर्ग के लिए समर्पित है। जनरल कोच कम नहीं हुए हैं और अभी 23000 ए सी कोच और 56 हजार नोन ए सी कोच हैं ।
उन्होंने कहा कि नयी दिल्ली रेलवे स्टेशन की घटना से सबक लेकर दस सूत्री कार्यक्रम बनाकर उस पर अमल किया जा रहा है। रेलवे की बढती मांग को देखते हुए बुनियादी सुविधा बढाकर ट्रेनों में नयी प्रौद्योगिकी लाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। नैरो गेज ट्रेनों में भी नयी प्रौद्योगिकी के कोच बनाये जा रहे हैं। वंदे भारत की तर्ज पर अमृत भारत की 100 ट्रेन बनायी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि दस हजार कवच प्रणाली लगायी जा रही है। अगले पांच छह वर्ष में पूरे रेल नेटवर्क को कवच से लैस किया जायेगा।
उन्होंने राज्यों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि तमिलनाडु में 83 फ्लाइओवर और केरल में 97 फ्लाइओवर का काम इसीलिए रूका हुआ है। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में भी भूमि अधिग्रहण की दिक्कत हैं। उन्होंने कहा कि कोलकाता में पिछले सौ वर्षों से भी अधिक समय में मेट्रो 28 किलोमीटर बनी है और मोदी सरकार ने दस वर्ष में 38 किलोमीटर मेट्रो बनायी है। रेलवे के शुरूआत से 2014 तक 125 किलोमीटर लंबी सुरंग थी बाद में दस वर्ष में 460 किलोमीटर लंबी सुरंग बनायी गयी है।