नए साल से महाकुंभ की तैयारियों का शंखनाद, सुविधाएं मिलेंगी निर्बाध

सिंहस्थ-2028 के निर्माण कार्य समयसीमा में होंगे, गुणवत्ता का रखा जाएगा ध्यान

 

उज्जैन। महाकुंभ के आयोजन में मात्र 3 साल का समय बचा है, जिसमें तीन बारिश भी आ जाएगी, निर्माण कार्यों के तहत साइड रिक्त करना सबसे बड़ी चुनौती रहती है ,यही कारण है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने अपने ओएसडी गोपाल डाड को ताबड़तोड़ उज्जैन भेजा, और नए साल से निर्माण कार्यों की रूपरेखा बनाने के लिए अफसरों की मीटिंग ली गई।

गुरुवार को मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव के ओएसडी गोपाल डाड और सीईओ जिला पंचायत जयती सिंह ने आगामी सिंहस्थ 2028 के अंतर्गत प्रस्तावित निर्माण कार्यों की समीक्षा बैठक स्मार्ट सिटी के कार्यालय के एनआइसी कक्ष में की। बैठक में सिंहस्थ के अंतर्गत विकसित किए जा रहे घाटों की बनावट के बारे में चर्चा की गई। गौरतलब है की मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिंह 2028 के लिए अधिकारियों की तैनाती कर दी है और 29 किलोमीटर घाट बनाने के आदेश दिए हैं। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना के बारे में भी चर्चा की गई। बताया गया कि इसकी क्षमता 51 एमसीएम रहेगी। इससे क्षिप्रा नदी में पूरे समय जल प्रवाहमान रहेगा। डाड ने कहा कि सिंहस्थ के दौरान प्रमुख उद्देश्य स्वच्छ पेय जल उपलब्ध हो। निर्बाध विद्युत प्रदाय करना है भी प्राथमिकता है। एमपीईबी निर्बाध विद्युत प्रदाय के लिए विस्तृत कार्य योजना बनाए। साथ ही वैकल्पिक व्यवस्थाओं की ओर भी विशेष ध्यान दिया जाए। सिंहस्थ के दौरान समस्त प्रमुख चौराहे सदैव रोशन रहें। सभी परियोजनाओं का पार्ट चार्ट बनाया जाए। डाड ने बैठक में कहा कि सिंहस्थ 2028 के दौरान झोनल कार्यालय स्थायी तौर पर बनाए जाएं तथा एक अधिकारी वहां हमेशा ड्यूटीरत रहे। उज्जैन विकास प्राधिकरण के द्वारा सिंहस्थ के अंतर्गत किए जाने वाले निर्माण कार्यों की भी समीक्षा की गई।

बैठक में यूडीए के सीईओ संदीप सोनी, सीईओ स्मार्ट सिटी संदीप शिवा, जल संसाधन विभाग के ईइ पीके खरात, नगर पालिक निगम आयुक्त आशीष पाठक,अन्य अधिकारीगण, विद्युत विभाग, अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद थे।

 

कई सौगातों का भूमि पूजन

उज्जैन में सिंहस्थ के पहले हर 12 साल में एक बार विकास कार्य निर्माण कार्य सौन्दर्यीकरण चौड़ीकरण होते हैं। जिस प्रकार से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव सिंहस्थ के लिए शिद्दत से जुटे हुए हैं ,ऐसे में उन्होंने ताबड़तोड़ भावी विकास कार्य और सौग़ातो के भूमि पूजन भी कर दिए हैं। जिसमें फ्रीगंज का नया ओवरब्रिज, मेडिकल कॉलेज, आईटी पार्क, शहर में बनने वाली आंतरिक सडक़ों से लेकर इंदौर उज्जैन के बीच बनने वाला सिक्स लेन प्रमुख है। उज्जैन में दो नए हेलीपैड बनेंगे, साथ ही मेट्रो ट्रेन भी आएगी।

 

क्षिप्रा के जल पर फोकस

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं उज्जैन में कहीं बार सार्वजनिक मंचों से कह चुके हैं कि 1980 के बाद कभी भी शिप्रा के जल से महाकुंभ में साधु संतों ने आगन्तुकों ने श्रद्धालुओं ने स्नान नहीं किया। कभी गंभीर डेम के जल से तो कभी नर्मदा के जल से स्नान कराया जाता रहा है। अब मध्य प्रदेश की भाजपा सरकार सिंहस्थ 2028 का महाकुंभ शिप्रा के जल से करने की तैयारी कर रही है। मोक्षदायिनी के जल में ही साधु संत स्नान करेंगे इसके लिए पूरा प्लान तैयार किया गया है। इसलिए अनेकों बैठक कर इसके लिए विचार मंथन किया जा रहा है।

 

समन्वय के साथ कार्य, गुणवत्ता का ध्यान रखें

डाड ने बैठक में कहा कि प्रस्तावित घाटों के निर्माण के अंतर्गत उज्जैन विकास प्राधिकरण और जल संसाधन विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। बैठक में कान्ह डक्ट परियोजना के अंतर्गत प्रगतिरत कार्यों की चर्चा की गई। परियोजना के तहत बनाए जाने वाले कांक्रीट डक्ट की संरचना के बारे में विस्तार से बताया गया। डाड ने कहा कि सिंहस्थ 2028 महापर्व के अंतर्गत किए जाने वाले समस्त निर्माण कार्य समयसीमा में पूर्ण किए जाए। इनकी गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और इन कार्यों की सतत मॉनिटरिंग की जाए।

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