– गृहग्राम डिठौरा तीसरे दिन पहुंचा इंजीनियर अनिल शुक्ला का पार्थिव शरीर
* परिजनों ने मृतक को शहीद का दर्जा दिलाने की उठाई मांग
नवभारत न्यूज
सीधी 22 अक्टूबर ।इंजीनियर अनिल शुक्ला की अंत्येष्ठी में आज उनके गृहग्राम डिठौरा में जनसैलाब अंतिम विदाई देने के लिए उमड़ पड़ा। वहीं परिजनों के विलाप से माहौल काफी मातम भरा था। परिजनों को संभालने में रिश्तेदार एवं गांव के लोग लगे रहे।मृतक के परिजन इंजीनियर को शहीद का दर्जा दिलाने की मांग कर रहें हैं।बता दें कि जिले के रामपुर नैकिन जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम डिठौरा के अनिल शुक्ला 45 वर्ष एक निजी कंपनी में बतौर मैकेनिकल इंजीनियर कार्यरत थे। इंजीनियर अनिल शुक्ला की रविवार रात जम्मू-कश्मीर में टनल निर्माण के दौरान आतंकियों ने अंधाधुंध फायरिंग से मौत हो गई थी। जुलाई में अंतिम बार वे घर आए थे ।अनिल के परिजनों को सोमवार सुबह मृत्यु की सूचना मिली। अनिल शुक्ला के एक पुत्र और एक पुत्री है। पिता विश्वनाथ शुक्ला ने बताया कि बेटे से रोज फोन पर बात होती थी। उनकी मौत से पूरा परिवार बेसहारा हो गया है।
जम्मू-कश्मीर के गांदरबल में आतंकियों के कायराना हमले में जिले के रामपुर नैकिन तहसील अंतर्गत डिठौरा निवासी अनिल शुक्ला कि जान चली गई थी। आज मंगलवार दोपहर पार्थिव शरीर
घर पहुंचा जहां अंतिम संस्कार में शामिल होने तथा उनका अंतिम दर्शन के लिए जनप्रतिनिधियों सहित लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। घर मे पार्थिव शरीर
पहुंचते ही परिजनों का रो- रो कर बुरा हाल रहा। इस घटना के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की है। परिजनों ने मौके पर पहुंचे सीधी संसदीय क्षेत्र के सांसद डॉ. राजेश मिश्रा से शहीद का दर्जा देने की मांग उठाई है।सांसद ने सभी मांगो को रखने की बात कही है।उनका कहना था कि उनके तन में भले ही सेना की बर्दी नही थी पर वे केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे। वही कांग्रेसी नेताओ का कहना था कि सरकार शहीद का दर्जा दे एवं उनकी पत्नी को सरकारी नौकरी दे क्योकि घर मे यही कमाने वाले थे और उन्होंने बेटी को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था अब उन सपनों को सरकार पूरा करे। जैसे ही पार्थिव शरीर गांव लाया गया उस दौरान अंतिम दर्शन करने परिजन उमड़ पड़े और अंतिम दर्शन करने के बाद पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए ले जाया गया है।
अमरनाथ यात्रा मार्ग पर हुआ आतंकी हमला
इंजीनियर अनिल शुक्ला के पार्थिव शरीर के साथ जम्मू कश्मीर से आये इफको इंफ्राटेक कंपनी में कार्यरत राजकुमार शर्मा ने बताया अमरनाथ यात्रा मार्ग पर कम्पनी काम कर रही थी। ये पूरा घटनाक्रम अचानक से हो गया दो लोग घुसे और फायरिंग करने लगे, पहले मेस में गोली मारे है फिर उसके बाद ऑफिसर मेस में घुस कर मारे है।कम्पनी द्वारा अभी तत्काल में दो लाख रुपये की सहायता प्रदान की और जल्द ही सहायता राशि खाते में डाली जाएगी।
परिजनों का सांसद ने बंधाया ढांढस –
जम्मू कश्मीर में टनल निर्माण का कार्य करा रहे इंजीनियर अनिल शुक्ला का पार्थिव शरीर उनके गृह ग्राम डिठौरा पहुंचने की जानकारी मिलते ही सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा पहुंच गए।रोते बिलखते परिजनों से मुलाकात कर घटना की जानकारी ली, एवं परिजनों सहित उमड़ी भीड़ द्वारा शहीद का दर्जन दिलाने वालों की मांग पर कहा कि सरकार और पार्टी के वरिष्ठजनों तक यह बात पहुंचाई जाएगी। उन्होंने सरकार की तरफ से परिजनों का ढांढस बांधते हुए हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।