भारतीय मौसम विभाग ने इस वर्ष सामान्य से अधिक तापमान की आशंका जताई है. ग्लोबल वार्मिंग और एल-नीनो जैसी वैश्विक जलवायु परिस्थितियों के कारण देश के अनेक हिस्सों में लू, सूखा और वर्षा के असमान वितरण का खतरा बढ़ गया है. बढ़ती गर्मी केवल असुविधा का विषय नहीं है, यह […]
संपादकीय
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भारत में तेजी से बढ़ते सायबर अपराधों ने अब केवल व्यक्तिगत नुकसान की सीमा पार नहीं की है, बल्कि यह राष्ट्रीय आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक विश्वास के लिए गंभीर चुनौती बन चुके हैं. सर्वोच्च न्यायालय द्वारा हाल ही में व्यक्त की गई चिंता इस बात का स्पष्ट संकेत है कि […]
भोपाल स्थित राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी में आयोजित उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों का सम्मेलन भारतीय न्यायपालिका के लिए एक निर्णायक मोड़ के रूप में देखा जाना चाहिए. यह केवल औपचारिक संवाद नहीं, बल्कि उस न्यायिक व्यवस्था पर गंभीर चिंतन है, जो वर्षों से लंबित मामलों, प्रक्रियागत जटिलताओं और आम नागरिक […]
गाजियाबाद के लोनी इलाके में भारत सिटी सोसायटी से सामने आई तीन सगी बहनों की सामूहिक आत्महत्या की घटना केवल एक आपराधिक या पारिवारिक त्रासदी नहीं है, बल्कि यह हमारे समय के सबसे खतरनाक सामाजिक संकट की चेतावनी है.हाल ही में घटी यह घटना देश के हर माता-पिता, शिक्षक और […]
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जमीन पर उतारने का एक ठोस प्रयास भी है. इस बजट में मध्य प्रदेश को विशेष महत्व मिलना इसलिए भी अहम है क्योंकि यह राज्य भौगोलिक, […]
भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हाल ही में जो टिप्पणी और आदेश दिया, वह केवल मेटा और व्हाट्सएप के लिए चेतावनी नहीं है, बल्कि समूची बड़ी तकनीकी कंपनियों की संस्कृति के लिए एक स्पष्ट संदेश है. भारत कोई डिजिटल उपनिवेश नहीं है. यहां कारोबार करने का अधिकार तभी है, जब […]
भारत आज विश्व मंच पर केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि नीति, नीयत और नेतृत्व के दम पर निर्णायक भूमिका निभाने वाला राष्ट्र बन चुका है. भारत-अमेरिका ट्रेड डील 2026 इसी बदलते वैश्विक समीकरण का सबसे ठोस प्रमाण है. यह समझौता किसी एक देश की रियायत नहीं, बल्कि भारत की […]
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल आय-व्यय का वार्षिक लेखा-जोखा नहीं है, बल्कि यह ‘विकसित भारत’ के संकल्प को जमीन पर उतारने का एक ठोस प्रयास भी है. इस बजट में मध्य प्रदेश को विशेष महत्व मिलना इसलिए भी अहम है क्योंकि यह राज्य भौगोलिक, […]
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा संसद में प्रस्तुत केंद्रीय बजट 2026-27 केवल वार्षिक आय-व्यय का दस्तावेज नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ के लक्ष्य की ओर बढ़ता एक व्यावहारिक और दूरदर्शी आर्थिक रोडमैप है. वैश्विक अनिश्चितताओं, भू-राजनीतिक तनावों और घरेलू अपेक्षाओं के बीच यह बजट संतुलन, निरंतरता और भविष्य उन्मुख सोच का […]
उच्च शिक्षा केवल डिग्रियों का कारखाना नहीं होती, बल्कि वह समाज की चेतना, समानता और राष्ट्रीय एकता का दर्पण भी होती है. ऐसे में यदि उच्च शिक्षण संस्थानों से जुड़े नियम ही समाज को बांटने की आशंका पैदा करने लगें, तो न्यायपालिका का हस्तक्षेप न केवल आवश्यक बल्कि अनिवार्य हो […]