संपादकीय
संपादकीय
देश के राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय ने जीडीपी की विकास दर का जो अनुमान बताया है, वह खतरे की घंटी है. ‘विकसित भारत’ के संकल्प और लक्ष्य को पीछे धकेल सकती है.यह अनुमान भारतीय रिजर्व बैंक, विश्व बैंक, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष, एडीबी और एसएंडपी एजेंसी के अनुमानों से भी कम है. […]
जनप्रतिनिधियों का जैसा व्यवहार और तौर तरीके दिख रहे हैं, उनसे ऐसा लगता है कि ये हमारे जनप्रतिनिधि हैं या माफिया ? इंदौर के दो पार्षदों के बीच हाल ही में जो कुछ हुआ वो पूरे शहर को शर्मसार करने वाला है. एक समय था जब इंदौर के महापौर लक्ष्मण […]
देश में जिस तरह से भू जल लगातार प्रदूषित हो रहा है वह निश्चित रूप से चिंता जनक है.दरअसल,धान व अन्य फसलों की बंपर पैदावार के लिये भूजल का अंधाधुंध दोहन करने वाले पंजाब और हरियाणा राज्यों का भूजल का स्तर उस गहराई तक जा पहुंचा है, जहां उसमें यूरेनियम […]
कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने आखिर प्रधानमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी. पिछले कई महीने से वे जिस तरह के जद्दोजहद से गुजर रहे थे, नीतिगत मुद्दों पर भी एक तरह के ऊहापोह और अस्पष्टता के शिकार दिख रहे थे, उससे साफ था कि उनके सामने कई […]
देश में इन दोनों एक चीनी वायरस की चर्चा है जिसके बारे में कहा जा रहा है कि यह कोविड जैसा ही है. हालांकि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय और अनेक विशेषज्ञों ने कहा है कि यह वायरस कोविड से मिलता-जुलता जरूर है लेकिन भारत में पहले से ही है इसलिए घबराने […]
तमाम कोशिशों और दावों के बावजूद देश से नक्सलवाद का पूरी तरह से सफाया नहीं हुआ है. केंद्र सरकार ने हाल ही में दावा किया था कि नक्सलवाद की समस्या अब कुछ ही जिलों में बची है. वैसे यह दावा गलत भी नहीं है लेकिन जिन थोड़े से जिलों में […]
भारत ने भूख के खिलाफ जंग लगभग जीत ली है. लेकिन अल्प पोषित और कुपोषित संख्या में कमी नहीं आ रही है. इसलिए अब केंद्र और राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि कुपोषण की समस्या से किस तरह देश को निजात मिले. भूख से जंग में केंद्र सरकार […]
देश में अब वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) व्यवस्था ऐसे मोड़ पर पहुंच रही है, जहां इसके ढांचे में ही बदलाव करने पर बातचीत होनी चाहिए. जीएसटी की अभी चार दरें हैं, जिन्हें आगे जाकर घटाते हुए दो पर लाने का लक्ष्य रखा गया है. जीएसटी की परिभाषा देखें तो […]