मध्यप्रदेश के बाढ़ प्रभावित सात जिलों में 6918 लोगों को सुरक्षित बचाया गया

भोपाल,  (वार्ता) मध्यप्रदेश के बाढ़ प्रभावित उत्तरी अंचल के सात जिलों में 6918 नागरिकों को बाढ़ से बचाया गया है और 27,836 व्यक्तियों को निचले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया।
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब बाढ़ की स्थितियां बचाव कार्य की दृष्टि से सामान्य हो रही हैं। राहत और बचाव कार्य के साथ ही पुनर्वास और पुनर्निर्माण के कार्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
सूत्रों ने बताया कि बाढ़ प्रभावित भिंड, मुरैना, दतिया, गुना, शिवपुरी, ग्वालियर और श्योपुर में बाढ़ से 6918 लोगों को बचाया गया है, जिनमें से सबसे अधिक संख्या 2336 मुरैना जिले की है। इसके अलावा श्योपुर जिले के 1471, भिंड के 812, दतिया के 1165, गुना के 10, शिवपुरी के 850 और ग्वालियर के 274 व्यक्ति शामिल हैं।
राहत एवं बचाव कार्य में सेना के छह कॉलम, वायुसेना के छह हेलीकॉप्टर, एनडीआरएफ की छह, एसडीईआरएफ की 29 टीम और छह जिलों के पुलिस तथा होमगार्ड के बल शामिल रहे।
सूत्रों के अनुसार पिछले 24 घंटों के दौरान गुना में 80 मिलीमीटर (मिमी), शिवपुरी में 55, मुरैना में 10, श्योपुर में 23, भिंड में 2, दतिया में 3 और ग्वालियर में 5 मिमी वर्षा दर्ज की गयी है। इन जिलों में अति प्रभावित गांवों की संख्या तीन और चार अगस्त को 291 थी, जो आज घटकर 15 गांवों तक आ गयी है।
इसके अलावा चंबल नदी का जलस्तर भिंड जिले में खतरे के निशान 122 मीटर से अधिक 127 मीटर और मुरैना जिले में 138 मीटर से अधिक 144 मीटर रहा। सिंध नदी का जलस्तर मैदाघाट में खतरे के निशान 146 मीटर से अधिक 155 मीटर पर रहा। पार्वती नदी का जलस्तर खतरे के निशान 409 मीटर से घटकर 405 मीटर रहा। इसके अलावा कूनो नदी का जलस्तर खतरे के निशान 182 मीटर से कम 169 मीटर दर्ज किया गया। इसके अलावा क्षेत्र के प्रमुख बांध जलाशयों के जलस्तर भी खतरे के निशान के नीचे आ गए हैं।

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