जबलपुर:नगर में अतिक्रमणकारियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं इसका अंदाजा नेताजी सुभाषचंद बोस मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार के सामने एवं आजू—बाजू के हालात देखकर लगाया जा सकता है। अति तो तब हो गई जब कॉलेज के मुख्य गेट से लगकर बने मेट्रो बस स्टॉप पर अतिक्रमणकारियो एवं आसामाजिक तत्वों का अड्डा बनकर रह गया है। एक तो पहले से ही दुनिया भर का मार्केट इस कॉलेज के अगल-बगल लगा रहता है। ऊपर से पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग कर मेडिकल अस्पताल पहुंचने वाले यात्रियों की दुर्दशा हो रही है। और कहने को यहां पक्की दुकानें हैं, फिर भी बीच सडक़ तक कब्जे कर व्यापार किया जा रहा है। जिसके चलते अच्छी खासी चौड़ी सडक़ भी किसी इलाके की गली सी प्रतीत होती है। खासकर किसी कार या अन्य चौपहिया वाहन के गुजरते समय यहां अन्य कोई वाहन नहीं निकल पाता है।
पीछले हफ्ते हुई कारवाई
मेडिकल अस्पताल मुख्य द्वार के सामने तिलवारा की ओर जाने वाली रोड को चाय नाश्ते, गुटका पान, रस के ठेले लगाने व दुकानदारों के अतिक्रमण ने चोक कर दिया है। अभी हाल ही में पिछले हफ्ते अतिक्रमण विभाग और यातायात पुलिस द्वारा संयुक्त कार्रवाई भी की गई थी। तीस फीट चौड़ी सडक़ यहां घटकर दस से आठ फीट ही रह जाती है। दुकानदार अपनी दुकानें बिल्कुल सडक़ पर लगा रहे हैं। यहां मरीजों को देखने आने वाले एवं सडक़ से गुजरने वाले वाहन जब खड़े होते हैं तो कोई भी अन्य वाहन यहां से बमुश्किल ही गुजर पता है। लोगों की इस परेशानी को जिम्मेदारों द्वारा दूर तो किया जाता है लेकिन चंद घंटों में ही स्थिति वापस पहले जैसी हो जाती है।
गुम होता जा रहा बस स्टॉप
अस्पताल के गेट से लगे मेट्रो बस का स्टॉप अब गुम होता जा रहा है। इस स्टॉप पर दिनभर यात्री कम और अन्य लोग ज्यादा बैठे पाए जाते हैं। देखरेख के अभाव के कारण यह मेट्रो बस स्टॉप भी जर्जर होता जा रहा है। याद हो तो तत्कालीन कलेक्टर इलैयाराजा टी. ने अपने कार्यकाल के दौरान मेडिकल मुख्य द्वार से लगे अतिक्रमणों व एम्बुलेंस पार्किंग को हटाकर ग्रीन बेल्ट बनवा दिया था। लेकिन उनके जाते ही यहां ग्रीन बेल्ट के आगे ठेले, टपरे लग गए हैं।
इनका कहना है
विभाग द्वारा रिपीट एक्शन समय-समय पर किया जाता है। रही बात फिर से जमने वाले अतिक्रमण की तो इस पर लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और सख्त एक्शन लिया जाएगा।
सागर बोरकर अतिक्रमण अधिकारी नगर निगम
हमारे द्वारा पुलिस के आला अफसरों को इस समस्या से रूबरू कराया जा चुका है और उनके द्वारा कार्रवाई भी की जा रही है। इस पर और अपडेट लेकर आपको जानकारी देता हूं।
डॉ.नवनीत सक्सेना, डीन, मेडिकल कॉलेज, जबलपुर