ट्विशा मौत मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह से मांगा जवाब

भोपाल। ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह से याचिका पर जवाब मांगा है. ट्विशा के पिता नवनीधि शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर मामले की सुनवाई भोपाल से दिल्ली स्थानांतरित करने की मांग की है. उनका कहना है कि पूर्व जिला न्यायाधीश रहीं गिरिबाला सिंह के प्रभाव के चलते भोपाल में निष्पक्ष सुनवाई को लेकर आशंका है. चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ ने शुक्रवार को याचिका पर सुनवाई करते हुए दोनों आरोपियों को अपना पक्ष रखने के लिए कहा.

\इस दौरान आरोपियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ दवे पेश हुए. उन्होंने अदालत में कहा कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने भी इस मामले में जवाब दाखिल किया है, जो याचिकाकर्ता के पक्ष का समर्थन करता है. ऐसे में आरोपियों को भी अपना जवाब दाखिल करने का अवसर दिया जाना चाहिए. दवे ने कहा कि सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल कर दिया है, इससे आरोपियों के अधिकार प्रभावित नहीं होने चाहिए. उन्होंने अदालत को बताया कि उनकी ओर से भी जवाब दाखिल किया जाएगा. इस मामले में 30 अक्टूबर को सीबीआई ने सुप्रीम कोर्ट में 11 पेज का अपना जवाब दाखिल कर नवनीधि शर्मा की मांग का समर्थन किया था.

जांच एजेंसी ने अपने जवाब में कहा था कि गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह का भोपाल में प्रभाव है. ऐसे में गवाहों को प्रभावित करने और मुकदमे की कार्यवाही पर असर डालने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. सीबीआई ने अपने जवाब में ट्विशा की मौत के बाद घटनास्थल को प्रभावित करने और साक्ष्यों से कथित छेड़छाड़ के आरोपों का भी उल्लेख किया था. एजेंसी ने प्रारंभिक जांच में गिरिबाला सिंह के कथित हस्तक्षेप का मुद्दा भी उठाया था. हालांकि ये जांच एजेंसी के आरोप और आशंकाएं हैं, जिन पर न्यायालय में विचार होना बाकी है. 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई 2026 को भोपाल के कटारा हिल्स स्थित अपनी ससुराल में मृत मिली थीं.
16 अक्टूबर को सुनवाई पर लगा था प्रतिबंध
सुप्रीम कोर्ट ने 16 अक्टूबर को इस याचिका पर सुनवाई करते हुए भोपाल की सत्र अदालत में चल रही सुनवाई पर रोक लगा दी थी. चीफ जस्टिस सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सीबीआई, समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था. अब 6 नवंबर की सुनवाई में आरोपियों की ओर से जवाब दाखिल करने की बात कही गई है.

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