असुंसियन, (वार्ता) पराग्वे के राष्ट्रपति सैंटियागो पेना ने देश के प्रमुख ‘उएनो बैंक’ के अचानक बंद होने और गहराए वित्तीय संकट के बाद गुरुवार को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
आधी रात को बैंक का कामकाज अचानक ठप होने के कारण लाखों ग्राहक अपने पैसों की निकासी करने में असमर्थ रहे, जिससे पूरे देश में बड़ा घोटाला और गहरा राजनीतिक हंगामा खड़ा हो गया।
सोशल मीडिया पर जारी एक संदेश में श्री पेना ने कहा, “मैंने गणराज्य के राष्ट्रपति पद से अपना त्यागपत्र सौंपने का निर्णय लिया है। यह फैसला मैंने देश की स्थिरता, सामाजिक शांति और हमारी सार्वजनिक संस्थाओं की रक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया है। आज मेरी एकमात्र प्राथमिकता उन पराग्वेवासियों की मानसिक शांति है जिन्होंने हमारी वित्तीय प्रणाली पर भरोसा करके अपनी बचत जमा की थी।”
राष्ट्रपति के इस्तीफे की घोषणा के तुरंत बाद, पराग्वे की संसद के निचले सदन ने श्री पेना के खिलाफ महाभियोग की कार्यवाही शुरू करने के लिए सर्वसम्मति से मतदान किया। यह कदम 35 विपक्षी सांसदों और सत्तारूढ़ दल के असंतुष्ट नेताओं द्वारा लाए गए आरोपों पर चर्चा के लिए बुलाए गए एक विशेष सत्र के दौरान उठाया गया।
अब पराग्वे की सीनेट (उच्च सदन) यह तय करेगी कि महाभियोग की कार्यवाही को आगे बढ़ाया जाए या राष्ट्रपति का इस्तीफा स्वीकार कर लिया जाए। विपक्षी दलों ने अगस्त 2023 में 5 साल के कार्यकाल के लिए सत्ता में आए श्री पेना पर “कर्तव्य में गंभीर और व्यवस्थित लापरवाही” का आरोप लगाते हुए उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव पेश किया है।
