नयी दिल्ली, 05 नवंबर (वार्ता) राज्यसभा सांसद सी. सदानंदन मास्टर के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रतिनिधिमंडल ने गुरुवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात और उनसे केरलम लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. एम.आर. बैजू को हटाने की तत्कालीन राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर की सिफारिश पर कार्रवाई का आग्रह किया। केरलम भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने यहां पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा, ”श्री सदानंदन मास्टर के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने आज राष्ट्रपति से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल में राज्यसभा सांसद पी. टी. उषा और मैं भी शामिल था। हमने राष्ट्रपति से केरलम के राज्यपाल की सिफारिश पर कार्रवाई करने का अनुरोध किया।”
भाजपा नेता ने बताया कि केरलम के तत्कालीन राज्यपाल ने राष्ट्रपति से संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत केरलम लोक सेवा आयोग (केपीएससी) में जारी भ्रष्टाचार और कुप्रशासन के मामले को उच्चतम न्यायालय को भेजने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मुद्दा है, जो केरलम के उन युवाओं के भविष्य को प्रभावित करता है, जो पिछले कई महीनों से विरोध प्रदर्शन और हड़ताल कर रहे हैं। परीक्षाओं में शामिल होने और रैंक हासिल करने के बावजूद उन्हें नौकरियां नहीं मिल पाई हैं। इसकी वजह लोक सेवा आयोग में कथित कुप्रशासन और हमारा मानना है कि मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) से जुड़े संगठनों, विशेष रूप से एसएफआई जैसे निहित स्वार्थ वाले समूहों का आयोग पर पूरी तरह कब्जा है।
उन्होंने कहा कि केरलम में राज्य के युवाओं के प्रति लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस का रवैया अन्य जगहों से बिल्कुल अलग है। यह उनके दोहरे मापदंड और पाखंड को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर उनके रुख जैसा ही है। वे दिल्ली में एसआईआर का विरोध करते हैं, लेकिन केरलम में इसका समर्थन करते हैं। केरलम में वे युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए कुछ नहीं करते, जबकि दिल्ली में श्री गांधी युवाओं और रोजगार के अवसरों को लेकर बड़े-बड़े भाषण देते हैं।
श्री चंद्रशेखर ने कहा कि केरलम में कांग्रेस सरकार दो बेहद महत्वपूर्ण मुद्दों को उठाकर सत्ता में आई थी। इनमें से एक मुद्दा सबरीमाला में भ्रष्टाचार का था। श्री गांधी ने केरलम में चुनाव प्रचार शुरू होने से दो दिन पहले कहा था कि सबरीमाला में भ्रष्टाचार के लिए जिम्मेदार लोगों को जेल भेजा जाएगा।
भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस सरकार को सत्ता में आए छह महीने बीत चुके हैं, लेकिन सबरीमाला स्वर्ण घोटाले में किसी नयी गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। कांग्रेस सरकार ने कथित भ्रष्टाचार की जांच को रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया है। इसी तरह, कांग्रेस के लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष माकपा से जुड़े हुए हैं। इसके बावजूद कांग्रेस सरकार ने आयोग के अध्यक्ष के खिलाफ जांच कराने का कोई प्रयास नहीं किया है।

