Portugal Citizenship Rule Change For Indian: पुर्तगाल में रहने वाले भारतीयों (Indians) और अन्य गैर-यूरोपीय देशों (Non-European Countries) के नागरिकों के लिए नागरिकता हासिल करना अब पहले से मुश्किल हो जाएगा। पुर्तगाल सरकार ने नागरिकता से जुड़े नियमों में बदलाव करते हुए पात्रता की अवधि 5 साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी है। यह नियम भारत, पाकिस्तान, नेपाल, बांग्लादेश और नाइजीरिया समेत कई देशों के नागरिकों पर लागू होगा।
नए कानून के तहत यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य देशों और पुर्तगाली भाषा बोलने वाले देशों के नागरिकों को 7 साल रहने के बाद नागरिकता के लिए आवेदन करने की पात्रता मिलेगी। इनमें अंगोला, मोजाम्बिक, केप वर्डे, गिनी-बिसाऊ, साओ टोमे और प्रिंसिपे तथा इक्वेटोरियल गिनी शामिल हैं।
पुर्तगाल की संसद ने यह कानून 1 अप्रैल 2026 को पारित किया था। राष्ट्रपति एंटोनियो जोस सेगुरो ने 3 मई को इस पर हस्ताक्षर किए। इसके बाद 19 मई 2026 से यह प्रभावी हो गया। नए कानून के नियमों को 29 अक्टूबर 2026 को मंत्रिपरिषद ने मंजूरी दी।
नागरिकता के लिए 5 प्वॉइंट में जानें शर्तें क्या होंगी?
- आवेदकों को पुर्तगाली भाषा का ज्ञान साबित करना होगा।
- पुर्तगाल की संस्कृति, इतिहास और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जानकारी देनी होगी।
- आवेदकों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना जरूरी होगा।
- लोकतांत्रिक सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता साबित करनी होगी।
- रेजिडेंस परमिट मिलने के इंतजार में लगा समय अब नागरिकता की पात्रता अवधि में नहीं जोड़ा जाएगा।
पुर्तगाल में नागरिकता आवेदनों का बैकलॉग
पुर्तगाल के न्याय मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, 30 जून 2026 तक नागरिकता के 6,90,480 आवेदन लंबित थे। पिछले साल की तुलना में इसमें 38 फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इनमें लगभग 26 फीसदी आवेदन रेजिडेंस के आधार पर नागरिकता पाने से संबंधित थे। वहीं, AIMA के आंकड़ों के अनुसार, 2025 के अंत तक पुर्तगाल में भारत, पाकिस्तान, नेपाल और बांग्लादेश के 2.42 लाख से अधिक नागरिक रह रहे थे।
सरकार का कहना है कि नए नियमों से नागरिकता प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाया जाएगा। प्रेसीडेंसी मंत्री एंटोनियो लेताओ अमारो के मुताबिक, डिजिटल व्यवस्था के जरिए प्रक्रियाओं को आसान बनाने और नए कानून को पूरी तरह लागू करने में मदद मिलेगी।
