विशेष संवाददाता भोपाल। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने प्रदेश में 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने के सरकार के दावे पर सवाल उठाते हुए वास्तविक निवेश, परियोजनाओं की स्थिति और रोजगार सृजन का पूरा ब्यौरा देने के लिए श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है।
राज्य सरकार को लिखे पत्र में पटवारी ने कहा कि ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के दौरान केंद्र सरकार ने 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों का आंकड़ा घोषित किया था, जिसे बाद में राज्य सरकार ने अपनी बड़ी उपलब्धि के रूप में प्रचारित किया।
मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि मार्च 2024 से नवंबर 2025 के बीच निवेश प्रोत्साहन गतिविधियों पर करीब 230 करोड़ रुपये खर्च किए गए। इनमें निवेश सम्मेलनों पर 186.64 करोड़ रुपये, मुख्यमंत्री की तीन विदेश यात्राओं पर 34 करोड़ रुपये और नौ शहरों में आयोजित बैठकों पर 9.05 करोड़ रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है। भोपाल में आयोजित दो दिवसीय समिट पर ही करीब 82 करोड़ रुपये खर्च किए गए।
पटवारी ने सरकार से पांच सवालों के जवाब मांगे हैं। इनमें वास्तविक निवेश की प्राप्ति, परियोजनाओं का क्रियान्वयन, निवेश प्रस्तावों का सत्यापन, रोजगार सृजन और प्रचार-प्रसार पर खर्च की गई राशि का प्रतिफल शामिल है।
उन्होंने निवेशकों की साख और वित्तीय क्षमता की स्वतंत्र जांच कराने तथा 230 करोड़ रुपये के खर्च का विस्तृत हिसाब सार्वजनिक करने की मांग की।
पटवारी ने कहा कि मध्यप्रदेश को बड़े-बड़े निवेश आंकड़ों और प्रचार अभियानों की नहीं, बल्कि धरातल पर संचालित उद्योगों और स्थायी रोजगार की जरूरत है। जनता को एक और निवेश आयोजन से पहले पिछली समिट का पूरा हिसाब मिलना चाहिए।
