इंदौर:यात्रियों की सुरक्षा को ताक पर रखकर बसों का संचालन करने और नियमों की अनदेखी करने वाले बस संचालकों के खिलाफ परिवहन विभाग ने कार्रवाई की है. कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देश पर बुधवार को आरटीओ की टीम ने स्टार चौराहे पर ऑल इंडिया टूरिस्ट बसों सहित अन्य यात्री वाहनों की जांच की. कार्रवाई में 11 बसों से 1 लाख 20 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया, जबकि इंदौर से गोरखपुर बिना परमिट चल रही एक बस को जब्त कर लिया गया.
बसों की जांच में इस बार केवल दस्तावेजों तक कार्रवाई सीमित नहीं रही, बल्कि यात्रियों की जान से जुड़े सुरक्षा इंतजाम भी जांच के दायरे में रहे. टीम ने देखा कि बसों में आपातकालीन निकास इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था कैसी है, फायर सेफ्टी सिस्टम काम करने की स्थिति में है या नहीं और किसी दुर्घटना अथवा आग लगने की स्थिति में यात्री आसानी से बाहर निकल सकते हैं या नहीं. इसके साथ ही यात्रियों से निर्धारित किराए से अधिक वसूली और परमिट की शर्तों के उल्लंघन की भी जांच की गई. जांच के दौरान 11 बसों में विभिन्न अनियमितताएं मिलने पर जुर्माना लगाया गया. सबसे गंभीर मामला इंदौर से गोरखपुर के बीच बिना परमिट संचालित बस का सामने आया. परिवहन विभाग की टीम ने बस को जब्त कर लिया. कार्रवाई में आरटीओ प्रदीप शर्मा, एआरटीओ राजेश गुप्ता और उड़नदस्ता टीम शामिल रही. जांच के दौरान बस चालकों और परिचालकों को स्पष्ट हिदायत दी गई कि बसों में किसी भी तरह का ज्वलनशील पदार्थ नहीं ले जाएं। यात्रियों की सुरक्षा के साथ समझौता न करें.
स्कूल बसें भी जांच के दायरे में
शहर में परिवहन विभाग का जांच अभियान केवल टूरिस्ट बसों तक सीमित नहीं है। स्कूल-कॉलेज के वाहनों सहित लोक परिवहन के अन्य साधनों की भी जांच की जा रही है। ओवरलोडिंग, यात्रियों से अधिक किराया वसूली, वाहन की गति, स्पीड गवर्नर, फिटनेस और जरूरी दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है। क्षमता से अधिक सवारी बैठाने और परमिट शर्तों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर कार्रवाई की जा रही है।
