इंदौर: दाहोद-इंदौर नई रेल लाइन परियोजना के टीही-धार रेलखंड पर इलेक्टि्रक ट्रेन संचालन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम बढ़ा है. इस रेलखंड पर 25 केवी एसी विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद बुधवार को पश्चिम रेलवे के प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर रजनीश कुमार गोयल ने निरीक्षण किया. अब 5 और 6 नवंबर को रेल संरक्षा आयुक्त सीआरएस ई. श्रीनिवास रेलखंड का निरीक्षण करेंगे। इस दौरान तेज रफ्तार से ट्रेन चलाकर ट्रैक की क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था का परीक्षण भी किया जाएगा.
विद्युतीकरण का काम पूरा होने के बाद रेलवे के सामने अब रेल संरक्षा आयुक्त की मंजूरी हासिल करने का चरण है. बुधवार को हुए निरीक्षण में ओवरहेड इलेक्टि्रक लाइन, बिजली आपूर्ति व्यवस्था, ट्रैक्शन सब-स्टेशन और पावर सब-स्टेशन की तकनीकी स्थिति जांची गई. प्रधान मुख्य विद्युत इंजीनियर ने विद्युतीकरण से जुड़ी व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया.
120 किमी से अधिक रफ्तार से होगा परीक्षण
रेल संरक्षा आयुक्त ई. श्रीनिवास 5 और 6 नवंबर को टीही-धार रेलखंड का विस्तृत निरीक्षण करेंगे. निरीक्षण के दौरान रेल इंजन को 120 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक की गति से चलाकर स्पीड ट्रायल किया जाएगा. इस परीक्षण के जरिए रेलखंड की संरक्षा, ट्रैक की तकनीकी क्षमता और विद्युतीकरण से जुड़ी व्यवस्थाओं की उपयुक्तता परखी जाएगी. सीआरएस और गति परीक्षण इस रेलखंड पर इलेक्टि्रक ट्रेन संचालन की प्रक्रिया का अहम पड़ाव है. परीक्षण के निष्कर्षों और आवश्यक अनुमति के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी.
गांवों में रेलवे की अपील, ट्रैक से दूर रहें लोग
गति परीक्षण को देखते हुए रेलवे ने रेल लाइन के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी है. विशेष रूप से मवेशियों को रेलवे ट्रैक के पास नहीं जाने देने की अपील की गई है. रेलवे ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण के दौरान इंजन 120 किमी प्रति घंटे से अधिक की रफ्तार से दौड़ेगा, इसलिए ट्रैक के आसपास मौजूद रहना जानलेवा साबित हो सकता है.
