नई दिल्ली, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदेशी कनेक्शन और राष्ट्रविरोधी ताकतों के आरोपों को लेकर सार्वजनिक मंच पर खुली बहस की चुनौती दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोल के जरिए युवाओं से राय मांगते हुए राहुल गांधी ने भाजपा के वरिष्ठ नेताओं राजनाथ सिंह, नितिन गडकरी, शिवराज सिंह चौहान और सीएम योगी आदित्यनाथ को टैग कर प्रधानमंत्री को यह चुनौती स्वीकार कराने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि बहस का स्थान और मंच कोई भी हो सकता है, जहां मीडिया और देश के युवा मौजूद रहेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी के आरोपों पर पलटवार करते हुए बोले राहुल- ‘डरो मत, सामने आइए और सच देश के सामने आने दीजिए’
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें चुनौती दिए हुए 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। उन्होंने सुझाव दिया कि बहस के दौरान प्रधानमंत्री अपनी पसंद का कोई भी मॉडरेटर चुन सकते हैं, यहाँ तक कि वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत को भी जज बना सकते हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि वित्तीय प्रणाली, अमेरिकी समझौतों, अडाणी मामले और विदेशी मदद जैसे तमाम गंभीर मुद्दों पर आमने-सामने बैठकर निष्पक्ष चर्चा होनी चाहिए ताकि सच्चाई देश की जनता के सामने आ सके।
विदेशी ताकतों से समर्थन और वित्तीय व्यवस्था के नियंत्रण पर छिड़ी राजनीतिक जंग, मानहानि के मुकदमों पर भी दी दो टूक
यह पूरा राजनीतिक टकराव प्रधानमंत्री मोदी द्वारा सरदार पटेल की जयंती पर दिए गए उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर विदेशी ताकतों के इशारे पर देश को बांटने की साजिश रचने का आरोप लगाया था। इस पर पलटवार करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यदि उन पर लगाए गए आरोप सही हैं तो सरकार उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दर्ज करे, क्योंकि वह पहले से ही ऐसे कई मामलों का सामना कर रहे हैं। इस खुली बहस की चुनौती से देश की सियासत में एक बार फिर भारी गरमी आ गई है और दोनों दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है।

