मुंबई, 03 नवंबर (वार्ता) सार्वजनिक क्षेत्र के सबसे बड़े ऋणदाता भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही (जुलाई-सितंबर 2026) में 23,038 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया है। यह पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही के मुकाबले 14.28 फीसदी अधिक है।
बैंक ने मंगलवार को वित्तीय परिणामों की घोषणा की। उसने बताया कि दूसरी तिमाही में ब्याज से प्राप्त उसकी शुद्ध आय 14.69 फीसदी बढ़कर 49,143 करोड़ रुपये पर रही। बैंक ने ब्याज के रूप में 1,32,019 करोड़ रुपये की कमाई की जबकि जमा पर ब्याज के रूप में उसने ग्राहकों को 82,876 करोड़ रुपये का भुगतान किया।
तिमाही के दौरान बैंक की परिसंपत्ति गुणवत्ता में सुधार हुआ है। सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्ति (एनपीए) का उसका अनुपात पहली तिमाही के 1.47 फीसदी से घटकर 1.39 फीसदी और शुद्ध एनपीए अनुपात 0.38 प्रतिशत से कम होकर 0.36 प्रतिशत रह गया। बैंक ने जोखिम में फंसे ऋण के लिए 2,759 करोड़ रुपये का प्रावधान किया जो एक साल पहले की तुलना में 17.86 फीसदी कम है।
बैंक द्वारा दिया गया कुल ऋण 52,08,344 करोड़ रुपये रहा जो सालाना आधार पर 17.84 प्रतिशत की बढ़ोतरी दिखाता है। वहीं, बैंक के पास जमा राशि 12.27 फीसदी बढ़कर 60,05,805 करोड़ रुपये रही।
घरेलू कंपनियों को दिया गया कॉर्पोरेट ऋण 16.12 फीसदी बढ़कर 14,39,156 करोड़ रुपये हो गया। घरेलू खुदरा ग्राहकों को दिया गया ऋण 18,25,083 करोड़ रुपये रहा जिसमें होम लोन की हिस्सेदारी 9,85,537 करोड़ रुपये है।
जमा में घरेलू ग्राहकों के बचत एवं जमा खातों का योगदान 22,96,883 करोड़ रुपये है। एक साल पहले के मुकाबले इसमें 8.13 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। घरेलू ग्राहकों द्वारा सावधि जमा की कुल राशि 14.26 प्रतिशत के इजाफे के सात 36,97,717 करोड़ रुपये हो गयी।
