
नीमच. दीपावली से पहले नीमच कृषि उपज मंडी में प्याज की आवक बढऩे के साथ बाजार में हल्की नरमी देखने को मिल रही है। मंगलवार को करीब 12 से 13 हजार पैकेट प्याज की आवक दर्ज की गई। गुणवत्ता के अनुसार प्याज के भाव 1600 से 4200 रुपए तक रहे। अच्छे और पके हुए माल को 3500 से 4000 रुपए तक भाव मिल रहे हैं। व्यापारियों ने बाजार को सामान्य बताते हुए मांग और पूर्ति के आधार पर कारोबार जारी रहने की बात कही, वहीं किसानों ने उत्पादन लागत, भावों में उतार-चढ़ाव और बिचौलियों की भूमिका पर सवाल उठाए।
व्यापारी नवीन अग्रवाल ने बताया कि प्याज का बाजार गुणवत्ता के अनुसार चल रहा है और आवक सामान्य है। गोपालकृष्ण गर्ग के अनुसार छुट्टियों का बाजार पर विशेष प्रभाव नहीं पड़ेगा। अच्छे माल के भाव 35 से 40 रुपए किलो तक हैं, जबकि औसत अच्छे पके प्याज को 30 से 32 रुपए किलो से कम भाव नहीं मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्याज जल्दी खराब होने वाली उपज है, इसलिए व्यापारी मांग के अनुसार ही खरीदारी करते हैं। उनका अनुमान है कि इस बार बारिश की कमी से उत्पादन प्रभावित होने के कारण आगे बाजार में मजबूती रह सकती है।
दूसरी ओर किसानों का कहना है कि मंडी में भाव देखने में अच्छे जरूर हैं, लेकिन खाद, मजदूरी और अन्य कृषि लागत बढऩे से अपेक्षित मुनाफा नहीं मिल रहा। अमरपुरा के किसान विनोद पाटीदार ने बताया कि 3500 से 3600 रुपए के भाव पर भी लागत निकालना मुश्किल हो रहा है। उन्होंने मंडी से उपभोक्ता तक पहुंचते-पहुंचते प्याज के दाम दोगुने होने पर सवाल उठाते हुए कहा कि किसान की तुलना में बिचौलियों को अधिक फायदा मिल रहा है।
किसान प्यारचंद जलोदिया खुर्द ने भी भावों में असमानता पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि एक जैसे माल के ढेरों में भी कुछ ही समय के अंतर से 500 से 600 रुपए तक का अंतर आ जाता है। मध्यम प्याज का भाव कम से कम 3000 से 3500 रुपए और अच्छी गुणवत्ता के प्याज का भाव करीब 4000 रुपए मिलना चाहिए, ताकि किसानों को लागत के अनुरूप दाम मिल सकें। किसान प्रतिनिधि ब्रजेश पाटीदार ने मंडी में अव्यवस्थाओं का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि रात के समय 10 से 12 वाहनों को मंडी परिसर में प्रवेश नहीं दिया गया। उन्होंने कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वहीं व्यापारियों का कहना है कि दीपावली के आसपास प्याज और लहसुन की आवक बढऩे से मंडी परिसर में दबाव और अस्थायी अव्यवस्था की स्थिति बनती है।
कुल मिलाकर प्याज बाजार में फिलहाल कारोबार सामान्य है और अच्छे माल को बेहतर भाव मिल रहे हैं, लेकिन किसानों के सामने लागत और वास्तविक मुनाफे का सवाल बरकरार है। व्यापारियों को आगामी दिनों में बाजार मजबूत रहने की उम्मीद है, जबकि किसानों की निगाहें आने वाली मांग और भावों की स्थिरता पर टिकी हैं।
