
नयी दिल्ली 03 नवंबर (वार्ता) लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती देते हुए कहा है कि उनके चैलेंज के 24 घंटे बीत चुके हैं, लेकिन प्रधानमंत्री की ओर से कोई जवाब नहीं आया है।
श्री गांधी ने मंगलवार को सोशल मीडिया के माध्यम से कहा कि उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री विपक्ष को देशद्रोही बताते हैं, इसलिए उन्हें किसी भी मंच पर आमने-सामने बैठकर बहस करनी चाहिए। बहस में विदेशी ताकतों से कथित संबंध, वित्तीय व्यवस्था, अमेरिका के साथ हुई डील, कैबिनेट को विश्वास में लिए बिना समझौता करने और उघोगपति अडानी मामले सहित कई मुद्दों पर खुलकर चर्चा होनी चाहिए। उन्होंने सुझाव दिया कि बहस के लिए प्रधानमंत्री अपनी पसंद का कोई भी जज चुन सकते हैं। यहां तक कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को भी जज बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि बहस में मीडिया और देश के युवा भी मौजूद रहें, ताकि सभी आरोपों की सच्चाई सामने आ सके। उन्होंने सवाल उठाया कि उनके खिलाफ करीब 45 मानहानि के मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन विदेशी संबंधों के आरोपों पर प्रधानमंत्री मानहानि का मुकदमा क्यों नहीं करते? उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा, ”आइए, डरिए मत। दूध का दूध और पानी का पानी हो जायेगा।”
अंत में उन्होंने प्रधानमंत्री को दिवाली की शुभकामनाएं भी दीं।
