पुलिसकर्मियों के कल्याण और सुविधाओं की डीजीपी ने की समीक्षा

विशेष संवाददाता भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस ने पुलिसकर्मियों एवं उनके परिवारों के कल्याण, स्वास्थ्य, आर्थिक सुरक्षा और बच्चों की शिक्षा से जुड़ी योजनाओं को प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। सोमवार को आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के स्वर्ण जयंती सभागार में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाणा की अध्यक्षता में राज्य संयुक्त पुलिस परामर्शदात्री समिति एवं पुलिस कल्याण समिति की वार्षिक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा कर सुविधाओं के विस्तार पर चर्चा की गई।

बैठक की शुरुआत देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी निरीक्षक दिलीप पुरी के रविवार रात ड्यूटी के दौरान आकस्मिक निधन पर दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि देने के साथ हुई।

डीजीपी मकवाणा ने कहा कि पुलिसकर्मियों और उनके परिवारों का कल्याण संगठन की कार्यक्षमता एवं मनोबल बनाए रखने के लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी इकाई प्रमुखों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने और नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2025 और 2026 में लगभग 19 से 20 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी की गई है अथवा जारी है। आठ वर्ष के अंतराल के बाद उपनिरीक्षक एवं सूबेदार पदों पर भर्ती शुरू हुई है, जबकि आरक्षक चालक के एक हजार पदों पर भर्ती की जा रही है। इसके अलावा लगभग 28 हजार पुलिसकर्मियों को पदोन्नति दी गई है।

बैठक में पुलिसकर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य, योग, ध्यान और परामर्श सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया। पुलिसकर्मियों के बच्चों की बेहतर शिक्षा के लिए दिशा लर्निंग सेंटरों को उन्नत करने, ऑनलाइन कोचिंग और विशेषज्ञ शिक्षकों की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। वर्तमान में 86 पुलिस इकाइयों में संचालित इन केंद्रों की मदद से 300 से अधिक बच्चे विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल हुए हैं।

वर्तमान वित्तीय वर्ष में शिक्षा निधि के तहत 1,694 विद्यार्थियों को लगभग 5.45 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है। परोपकार निधि से मिलने वाली आर्थिक सहायता भी एक लाख से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दी गई है।

बैठक में 64 सूचीबद्ध अस्पतालों के साथ संचालित पुलिस स्वास्थ्य योजना की समीक्षा कर इसके नेटवर्क के विस्तार पर विचार किया गया। नशे से दूरी है जरूरी अभियान में उत्कृष्ट योगदान के लिए इंदौर एवं भोपाल पुलिस कमिश्नरेट सहित बालाघाट, बुरहानपुर और छिंदवाड़ा पुलिस इकाइयों को सम्मानित किया गया।

डीजीपी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने, पिछले वर्ष 14 हजार से अधिक बालिकाओं को तलाशने तथा नक्सल विरोधी अभियानों में पुलिस बल के योगदान की भी सराहना की। बैठक में विशेष पुलिस महानिदेशक, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी उपस्थित थे।

 

 

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