
जबलपुर। ओमती थाना अंतर्गत नेपियर टाउन में इलेक्ट्रिक व्हीकल की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने के नाम पर एक व्यवसायी से 36.3 लाख की धोखाधड़ी की गई। जालसाजों के इस हाई-प्रोफाइल सिंडिकेट ने पीडि़त को ऐसा झांसा दिया कि उसने अपना चलता हुआ कारोबार बंद कर अपनी तीन दुकानें तक तुड़वा दीं थी। पीडि़त की शिकायत पर पुलिस ने डालमिया इलेक्ट्रिक व्हीकल प्रा.लि. के कथित डायरेक्टर, सीईओ और सेल्स हेड सहित 9 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है।
पुलिस के मुताबिक नेपियर टाउन निवासी अफजल खान (37) नौदरा ब्रिज के पास बून इलेक्ट्रॉनिक नाम से दुकान चलाते थे। नवंबर 2022 में डालमिया ग्रुप प्रालि के एमपी सेल्स हेड राकेश पाण्डेय उनकी दुकान पर पहुंचे। राकेश ने अफजल को पूरे मध्य प्रदेश में डालमिया इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर गाडिय़ों का मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर बनने का आकर्षक प्रस्ताव दिया। इसके एवज में कंपनी के खाते में 1 करोड़ रुपये सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करने को कहा गया। भरोसा जीतने के लिए राकेश पाण्डेय ने वीडियो कॉल के जरिए दिल्ली में बैठे कंपनी के कथित मालिक संजय डालमिया और सीईओ से बात कराई। आरोपियों ने पीडि़त को बड़े-बड़े सपने दिखाए और कहा कि पीडि़त अपनी 3 अलग-अलग दुकानों को तोडक़र एक बड़ा भव्य शोरूम तैयार कर ले। शोरूम के निर्माण में लगने वाला एक-एक पैसा कंपनी वापस करेगी। शोरूम के सभी कर्मचारियों की सैलरी, बिजली-पानी का बिल और गोदाम का किराया भी कंपनी देगी। गाडिय़ों की रिपेयरिंग के लिए बनने वाले वर्कशॉप का खर्च और वहां के टेक्निकल स्टाफ का भुगतान भी कंपनी उठाएगी।
दिल्ली से देहरादून तक बिछाया जाल, 6 किश्तों में ऐंठी रकम-
आरोपियों के झांसे में आकर पीडि़त जनवरी 2023 में दिल्ली स्थित कंपनी के मुख्यालय गया, जहां उसकी मुलाकात कंपनी के मालिक संजय डालमिया, सीईओ विकास आनंद, मनू मनोत्रा, नेशनल सेल्स हेड आलोक श्रीवास्तव और एक्जीक्यूटिव मैनेजर मनू पोर्च से हुई। वहां पीडि़त को डेमो गाडिय़ां दिखाई गईं। इसके बाद देहरादून में आयोजित कंपनी की ग्रैंड लॉन्चिंग पार्टी में पीडि़त के पिता सलीम खान को आमंत्रित किया गया वहां डायरेक्टर संजय डालमिया ने पूरे मध्य प्रदेश की जगह सिर्फ महाकौशल क्षेत्र की डिस्ट्रीब्यूटरशिप देने का दबाव बनाया और किश्तों में रकम ऐंठना शुरू कर दिया। पीडि़त ने अपने बैंक खाते से कंपनी के बैंक खाते में अलग-अलग तारीखों में रकम ट्रांसफर कर दिए।
कारोबार ठप, नहीं इलेक्ट्रिक व्हीकल की सप्लाई
पूरी रकम वसूलने के बाद जब पीडि़त ने शोरूम के फंड और डेमो गाडिय़ों की डिलीवरी के लिए संपर्क किया, तो आरोपियों ने फोन उठाना और जवाब देना बंद कर दिया। पीडि़त ने उनके भरोसे पर अपनी दुकानें पहले ही तुड़वा दी थीं, जिससे उसका पुराना कारोबार भी पूरी तरह ठप हो गया। लिखित अनुबंध के बावजूद आरोपियों ने न तो इलेक्ट्रिक व्हीकल की सप्लाई की और न ही कोई सर्विस दी। इस तरह आरोपियों ने पीडि़त के साथ छल करते हुए उसे 36,34,075 रुपये का सीधा वित्तीय नुकसान पहुंचाया।
