अटलांटा, 01 नवंबर (वार्ता) यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कलास ने जॉर्जिया के अटलांटा में आयोजित जी20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान रूसी विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव पर ‘ढेर सारे झूठ’ और ‘मनगढ़ंत कहानियां’ पेश करने का गंभीर आरोप लगाया है।
दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के विदेश मंत्री दिसंबर में होने वाले जी20 नेताओं के शिखर सम्मेलन की तैयारियों के सिलसिले में शुक्रवार और शनिवार को बैठक के लिए एकत्रित हुए थे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुए पूर्ण सत्र के दौरान तीखे मतभेद उभरकर सामने आए, जिसमें चर्चा का मुख्य केंद्र यूक्रेन और पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष रहे।
यूरोपीय अधिकारियों ने श्री लावरोव के बयानों को ‘भड़काऊ’ करार देते हुए कड़ी आपत्ति जताई। सुश्री काजा कलास ने कहा कि श्री लावरोव ने ‘बहुत सारे झूठ और कई झूठे नैरेटिव सामने रखे हैं।’ चर्चा के बाद संवाददाता सम्मेलन में श्री लावरोव ने यूरोपीय प्रतिभागियों की आलोचना की और इसे उनका ‘अहंकारी बहिष्कार’ बताया। उनका इशारा जाहिर तौर पर उन कई अधिकारियों की तरफ था, जिन्होंने उनके साथ सामूहिक तस्वीर खिंचवाने से इनकार कर दिया था। इसके साथ ही, उन्होंने मास्को के साथ जुड़ने की इच्छा दिखाने के लिए ट्रंप प्रशासन की सराहना भी की।
बैठक से पहले, श्री लावरोव ने जी20 में पोलैंड को मिले निमंत्रण पर सवाल उठाया था और तर्क दिया था कि वारसा की भागीदारी से “कोई योगदान नहीं मिलता” है और यह कूटनीतिक सिद्धांतों का उल्लंघन है। हालांकि, बैठक के बाद अपने सार्वजनिक बयानों में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने समूह की पूर्ण सदस्यता के लिए पोलैंड का समर्थन किया। श्री रुबियो ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप का दृढ़ विश्वास है कि पोलैंड वैश्विक नेताओं की इस मेज पर बैठने का हकदार है। हम पूरी उम्मीद करते हैं कि उन्हें और उभरते हुए अन्य मजबूत राष्ट्रों को अगले वर्ष फिर से आमंत्रित किया जाएगा।”
