इंदौर: एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के विद्यार्थियों ने स्कूल में अव्यवस्थाओं और विभिन्न समस्याओं को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. 10वीं, 11वीं और 12वीं कक्षा के कुछ विद्यार्थी अपनी मांगों को लेकर पैदल कलेक्टर से मिलने जा रहे थे, लेकिन उन्हें रास्ते में ही रोककर वापस भेज दिया गया। इसके बाद विद्यार्थियों को स्कूल लाकर उनकी समस्याएं सुनी गईं.इस मामले में एसडीएम बिचौली रोशनी पाटीदार और नीरज पाराशर असिस्टेंट कमिश्नर ने विद्यार्थियों से चर्चा की. नीरज पाराशर के अनुसार, बच्चों ने पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं होने, साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता एवं मात्रा में कमी जैसी समस्याएं बताईं. इसके अलावा कुछ अन्य व्यवस्थागत मुद्दे भी सामने आए.
नीरज पाराशर ने विद्यार्थियों को आश्वस्त किया कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया गया है और चार से पांच दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में एक-एक कर सभी समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा. भोजन और नाश्ते की व्यवस्था के लिए संबंधित ठेकेदार को सुधार के निर्देश दिए जाएंगे। इसमें भोजन, नाश्ता और चाय-बिस्किट की आपूर्ति शामिल है. अधिकारियों ने बताया कि यदि ठेकेदार निर्धारित गुणवत्ता और व्यवस्था में सुधार नहीं करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. जरूरत पड़ने पर टेंडर निरस्त कर वैकल्पिक व्यवस्था भी की जा सकती है. फिलहाल संबंधित ठेकेदार को सुधार का अवसर दिया जाएगा. विद्यार्थियों ने स्वास्थ्य परीक्षण से जुड़ी समस्या भी उठाई थी. इस पर अधिकारियों ने सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराने का आश्वासन दिया.
कार्रवाई के लिए दिल्ली भेजा जाएगा प्रस्ताव
नीरज पाराशर ने स्पष्ट किया कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का संचालन संबंधित संस्था के माध्यम से होता है और यहां का स्टाफ एनईएसटीएस से नियुक्त किया जाता है. स्थानीय स्तर पर प्राचार्य के खिलाफ सीधे कार्रवाई करने का अधिकार नहीं है. हालांकि, यदि आवश्यकता हुई तो प्राचार्य और स्टाफ की कार्यप्रणाली को लेकर एनईएसटीएस के उच्च अधिकारियों को लिखित में प्रस्ताव भेजा जाएगा. इसके आधार पर एनईएसटीएस द्वारा अपने स्तर से कार्रवाई की जा सकती है. अधिकारियों ने कहा कि फिलहाल विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता है और तय समय में व्यवस्थाओं में सुधार कराने का प्रयास किया जाएगा.
