इंदौर: दिवाली से पहले 1 नवंबर को रवि पुष्य नक्षत्र का दुर्लभ संयोग बन रहा है. ज्योतिष शास्त्र में इसे खरीदारी, निवेश और नए कार्यों की शुरुआत के लिए बेहद शुभ माना गया है. इस दिन रवि पुष्य के साथ सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग रहेगा.ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार पुष्य नक्षत्र में खरीदी गई वस्तुओं से स्थायी समृद्धि और शुभ फल प्राप्त होते हैं. इस दिन सोने-चांदी के आभूषण और सिक्के, वाहन, जमीन-मकान की खरीदारी तथा नए व्यापार की शुरुआत करना शुभ माना गया है.
इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक सामान और व्यापारिक बही-खाते खरीदने की भी परंपरा है. पंचांग के अनुसार रवि पुष्य नक्षत्र का प्रारंभ रविवार सुबह अलग-अलग पंचांगों में 6.31 से 10.37 बजे के बीच बताया गया है. इसका समापन 2 नवंबर की सुबह तक होगा. वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग 1 नवंबर सुबह 6.33 बजे से 2 नवंबर सुबह 4.30 बजे तक रहेगा. इस दिन अहोई अष्टमी का व्रत और राधाकुंड स्नान का भी विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार रवि पुष्य के अवसर पर पूजा-पाठ, मंत्र जाप और दान-पुण्य करने से विशेष पुण्य फल मिलता है. दिवाली की खरीदी के लिहाज से भी यह दिन बाजारों में रौनक बढ़ाने वाला रहेगा.
