Shah Rukh Khan Birthday: मुंबई, शाहरुख खान एक नाम नहीं, बल्कि सपनों की वह दुनिया है जिसे हर ज्यादातर इंसान जीना चाहता है। यह कहानी बताती है कि कैसे कोई भी अपनी कड़ी मेहनत के दम पर बेताज बादशाह बन सकता है।
फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले शाहरुख खान ने थिएटर में अपनी कला को निखारने के लिए काफी मेहनत की थी। उन्होंने बैरी जॉन के मार्गदर्शन में एक्टिंग की बारीकियां सीखीं और हमेशा यह माना कि जीवन में बड़ी सफलता पाने के लिए आराम को त्यागना पड़ता है।
छोटे पर्दे के पॉपुलर शो ‘सर्कस’ से अपनी एक्टिंग की औपचारिक शुरुआत करने वाले शाहरुख खान ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। आज उनके करियर को 3 दशकों से ज्यादा का लंबा समय हो चुका है, लेकिन उनकी काम करने की भूख और ऊर्जा आज भी वैसी ही बनी हुई है जो किसी भी नए कलाकार को हैरान कर सकती है।
रोमांटिक हीरो से लेकर खलनायक तक का सफर
जब 90 के दौर में शाहरुख खान ने बॉलीवुड में एंट्री मारी, तब पर्दे पर एक्शन फिल्मों का दौर चल रहा था। ऐसे समय में उन्होंने लीक से हटकर रोमांटिक किरदार चुनें और दर्शकों के दिलों में अपनी एक खास जगह बनाई। उन्होंने ‘डर’ और ‘बाजीगर’ जैसी फिल्मों में नेगेटिव रोल निभाने का जोखिम उठाया, जो उनके करियर का एक बहुत बड़ा मोड़ साबित हुआ।
उन्होंने हमेशा फिल्म की कहानी से ज्यादा उन लोगों को प्राथमिकता दी जो उनके साथ काम करना चाहते थे। यही वजह है कि उन्होंने आशुतोष गोवारिकर के कहने पर ‘स्वदेस’ जैसी बेहतरीन फिल्म चुनी। उनकी हाजिरजवाबी और पढ़ने की आदत उन्हें न सिर्फ एक बेहतरीन एक्टर बनाती है बल्कि उन्हें हर स्थिति में मजबूत भी रखती है।
फिल्मों के साथ व्यापार में भी माहिर खिलाड़ी
एक्टिंग के अलावा शाहरुख खान ने व्यापार की दुनिया में भी अपनी एक अलग और मजबूत पहचान बनाई है। उन्होंने साल 2002 में ‘रेड चिलीज एंटरटेनमेंट’ नाम से अपनी प्रोडक्शन कंपनी की शुरुआत की, जो आज वीएफएक्स और तकनीक के मामले में काफी आगे है।
इसके अलावा आईपीएल की शुरुआत के साथ ही वह कोलकाता नाइट राइडर्स टीम के सह-मालिक बन गए, जिसने उनके बिजनेस को और ज्यादा बढ़ा दिया। दुनिया भर में फैली बेशकीमती संपत्तियों और शानदार सफलताओं के दम पर आज वह दुनिया के सबसे अमीर एक्टर की लिस्ट में शामिल हैं।
असफलता के बाद भी मजबूत रहा स्टारडम
सिनेमा के सफर में हर कलाकार के दिन एक जैसे नहीं रहते और शाहरुख खान के करियर में भी कई उतार-चढ़ाव आए। कई फिल्में फ्लॉप होने के बाद भी उनका स्टारडम कभी कम नहीं हुआ बल्कि वक्त के साथ और ज्यादा मजबूत होता चला गया।
हाल के सालों में दीपिका पादुकोण के साथ आई ‘पठान’ और ‘जवान’ जैसी फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर जो इतिहास रचा, उसने यह साबित कर दिया कि उनका जादू आज भी दर्शकों के सिर चढ़कर बोल रहा है। शाहरुख खान सिर्फ एक सफल एक्टर ही नहीं बल्कि एक ऐसा जीवंत उदाहरण हैं जो यह सिखाता है कि हार को जीत में कैसे बदला जाता है।
