नयी दिल्ली, 31 अक्टूबर (वार्ता) दिल्ली में बढ़ते वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली सरकार एक नवंबर से शीतकालीन प्रदूषण नियंत्रण के विशेष प्रतिबंध लागू करने जा रही है।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने आज बताया कि शीतकालीन प्रदूषण की रोकथाम के लिए पर्यावरण विभाग ने सभी संबंधित एजेंसियों को आवश्यक तैयारियां पूरी करने और प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। परिवहन विभाग, दिल्ली ट्रैफिक पुलिस, दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (डीपीसीसी), नगर निगम सहित अन्य एजेंसियां विशेष अभियान चलाएंगी। प्रतिबंधों के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए विशेष अनुपालन टीमें तैनात की जाएंगी। साथ ही एएनपीआर कैमरों और एआई-सक्षम इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) के माध्यम से उल्लंघनों पर नजर रखी जाएगी।
उन्होंने कहा कि एक नवंबर से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत बीएस-4 और उससे पुराने उत्सर्जन मानकों वाले मोटर वाहनों के दिल्ली में परिचालन पर प्रतिबंध रहेगा। हालांकि, सीएनजी और इलेक्ट्रिक वाहनों के साथ एम्बुलेंस, अग्निशमन, पुलिस तथा अन्य अधिसूचित छूट प्राप्त वाहनों को इस प्रतिबंध से बाहर रखा गया है। दिल्ली के प्रवेश मार्गों पर लगे एएनपीआर कैमरों के जरिए प्रतिबंधित वाहनों की पहचान की जाएगी और स्वचालित प्रणाली से चालान जारी किए जाएंगे। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस नियमानुसार वाहन जब्त करने सहित अन्य कार्रवाई भी करेगी।
निर्माण गतिविधियों पर भी सख्ती बरती जाएगी। एक नवंबर से 31 जनवरी तक धूल पैदा करने वाली सभी बाहरी निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर प्रतिबंध रहेगा। आवश्यक सार्वजनिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को निर्धारित शर्तों के अधीन छूट दी जाएगी। निर्माण स्थलों के भीतर फिनिशिंग, प्लंबिंग और इलेक्ट्रिकल जैसे कार्य धूल नियंत्रण मानकों का पालन करते हुए किए जा सकेंगे। इसके अतिरिक्त, 10 दिसंबर से 20 जनवरी तक निर्धारित अपवादों को छोड़कर सभी निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। डीपीसीसी और नगर निगम की विशेष टीमें निर्माण स्थलों का निरीक्षण करेंगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर काम तत्काल बंद कराने के साथ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति लगाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर स्थल को सील करने की कार्रवाई भी होगी।
प्रदूषण नियंत्रण के उपायों के तहत एक नवंबर से 28 फरवरी 2027 तक दिल्ली के अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना रहेगा। हालांकि, दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के स्वामित्व और प्रबंधन वाले पार्किंग स्थलों को इससे छूट दी गई है। वहीं, कार्यालयों में एक नवंबर से 31 जनवरी तक अधिकतम 50 प्रतिशत कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति की अनुमति होगी और शेष कर्मचारियों को घर से काम करना होगा। आवश्यक एवं आपातकालीन सेवाओं को निर्धारित छूट रहेगी।
यातायात का दबाव कम करने के लिए दिल्ली नगर निगम और दिल्ली सरकार के कार्यालयों के समय में भी अंतर रखा गया है। दिल्ली नगर निगम के कार्यालय सुबह 8:30 बजे से शाम पांच बजे तक संचालित होंगे, जबकि दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10 बजे से शाम 6:30 बजे तक खुलेंगे। सरकार का मानना है कि कार्यालयों के अलग-अलग समय से व्यस्त समय में सड़कों पर वाहनों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्लीवासियों से प्रदूषण नियंत्रण अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने नागरिकों, वाहन मालिकों, निर्माण एजेंसियों, संस्थानों, आरडब्ल्यूए और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों से एक नवंबर से लागू प्रतिबंधों का जिम्मेदारी से पालन करने को कहा है। उन्होंने प्रतिबंधित वाहनों को दिल्ली में नहीं लाने, बाहरी निर्माण एवं विध्वंस गतिविधियां बंद रखने और निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के नियमों का पालन करने की अपील की।
