नई दिल्ली, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) हवाई अड्डे के टर्मिनल-3 पर सतर्कता बरतते हुए सीमा शुल्क (कस्टम) अधिकारियों ने मादक पदार्थों की तस्करी के एक बड़े प्रयास को नाकाम कर दिया है। बैंकॉक से उड़ान संख्या AI2335 के जरिए पहुंचे दो भारतीय यात्रियों को संदिग्ध प्रोफाइलिंग और खुफिया इनपुट के आधार पर रोका गया, जब वे ‘ग्रीन चैनल’ पार कर रहे थे। अधिकारियों ने जब उनके सामान की गहन तलाशी ली, तो दोनों के ट्रॉली बैगों से कुल 26 पॉलीथीन पाउच बरामद हुए, जिनमें उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक वीड (गांजा) छुपाकर रखा गया था।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में 26.67 किलोग्राम जब्त गांजे की कीमत आंकी गई ₹9.33 करोड़, एनडीपीएस एक्ट के तहत दोनों आरोपी गिरफ्तार
कस्टम्स विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई में बरामद किए गए मादक पदार्थ का कुल वजन 26.67 किलोग्राम दर्ज किया गया है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 9.33 करोड़ रुपये आंकी गई है। प्राथमिक परीक्षण में मादक पदार्थ की पुष्टि होने के बाद, सीमा शुल्क अधिकारियों ने एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की सुसंगत धाराओं के तहत पूरी खेप को जब्त कर लिया और दोनों तस्करों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि्् इस अंतर्राष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट के अन्य नेटवर्क और संपर्कों का पता लगाने के लिए आरोपियों से कड़ी पूछताछ की जा रही है।
हवाई अड्डों पर तस्करी रोकने के लिए लगातार जारी है अभियान, प्रतिबंधित पदार्थों की सप्लाई चेन तोड़ने में जुटी एजेंसियां
देश के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर नशीले पदार्थों के अवैध आयात और तस्करी पर लगाम लगाने के लिए कस्टम विभाग और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह मुस्तैद हैं। हालिया मामले में दर्ज किए गए मामलों के तहत प्रतिबंधित पदार्थों की खरीद-फरोख्त और आपराधिक साजिश से जुड़े तमाम पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की सख्त कार्रवाई से अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स तस्करों के मंसूबों पर पानी फिर रहा है और भविष्य में भी हवाई अड्डों पर इस प्रकार के खुफिया अभियानों को पूरी सख्ती के साथ जारी रखा जाएगा।

