मुंबई, अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बहुप्रतीक्षित नीतिगत घोषणा के बाद आज घरेलू विदेशी मुद्रा बाजार (फॉरेक्स मार्केट) में भारतीय रुपये ने शानदार सुधार दर्ज किया है। शुरुआती कारोबार के दौरान भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 11 पैसे की मजबूती के साथ 95.17 के स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी केंद्रीय बैंक द्वारा ब्याज दरों को 3.75% से 4.00% की सीमा पर यथावत रखने के फैसले के बाद वैश्विक बाजार में डॉलर इंडेक्स कमजोर हुआ है, जिससे उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं को बल मिला है और इंटरबैंक फॉरेक्स मार्केट में रुपये की शुरुआत सकारात्मक रही।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और बॉन्ड यील्ड की चुनौतियों के बावजूद ₹721 अरब के विदेशी मुद्रा भंडार से रुपये को मिल रहा मजबूत सुरक्षा कवच
हालांकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 114.13 डॉलर प्रति बैरल के आसपास कारोबार कर रहा है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में मजबूती बनी हुई है, जो रुपये के लिए चुनौती है; लेकिन जानकारों का मानना है कि भारत का लगभग 721 अरब डॉलर का रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की सतर्क निगरानी रुपये को किसी भी बड़ी गिरावट से सुरक्षित रख रही है। विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में यूएसडी-आईएनआर (USD-INR) का जोड़ा एक सीमित दायरे में ही कारोबार करता नजर आएगा, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है।
घरेलू शेयर बाजार में भी दिखी तेजी, सेंसेक्स 163 अंक चढ़कर कारोबार करता दिखा जबकि एफआईआई ने की ₹871 करोड़ की शुद्ध खरीदारी
फेडरल रिजर्व के इस फैसले का सकारात्मक असर भारतीय शेयर बाजारों पर भी साफ तौर पर देखने को मिला है। आज के शुरुआती कारोबार में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 163 अंकों की बढ़त के साथ 73,409.06 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी भी 40 अंकों की तेजी के साथ 22,739.25 के आसपास कारोबार करता दिखा। इसके अलावा, एक्सचेंज के आंकड़ों से पता चला है कि विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने भी भारतीय बाजार में खरीदारी जारी रखते हुए बुधवार को 871.83 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

