ब्रसेल्स, 29 अक्टूबर (वार्ता) यूरोपीय संघ (ईयू) के देशों ने 27 सदस्यीय समूह में कनाडा को ‘एसोसिएट सदस्य’ का दर्जा देने का विचार छोड़ दिया है। इसके बजाय, ईयू-कनाडा शिखर सम्मेलन से पहले जारी होने वाले संयुक्त बयान के मसौदे में दोनों पक्षों के बीच ‘और अधिक घनिष्ठ संबंध’ स्थापित करने की बात कही गई है। समाचार वेबसाइट पॉलिटिको ने मसौदे के नवीनतम संस्करण के हवाले से यह जानकारी दी है।
राजनयिकों के अनुसार, जर्मनी, ग्रीस और फ्रांस समेत कई देशों ने मॉन्ट्रियल में जारी किए जाने वाले संयुक्त ईयू-कनाडा बयान में एसोसिएट सदस्यता का उल्लेख करने पर आपत्ति जताई।
यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने सितंबर में अपने ‘स्टेट ऑफ द यूरोपियन यूनियन’ संबोधन में पहली बार कनाडा को ‘एसोसिएट सदस्यता’ देने का प्रस्ताव रखा था। उनके इस प्रस्ताव से ईयू के कुछ देश अप्रत्याशित रूप से हैरान रह गए थे।
संयुक्त बयान के पिछले मसौदे में कहा गया था कि ईयू और कनाडा वर्ष 2027 के ईयू-कनाडा शिखर सम्मेलन तक ‘एसोसिएट सदस्य’ की अवधारणा को परिभाषित करने की दिशा में काम करेंगे। इसके तहत समृद्धि, आर्थिक सुरक्षा और रणनीतिक स्वायत्तता के साझा लक्ष्यों के लिए सहयोग को और मजबूत करने की बात कही गई थी।
अंतिम मसौदे में कहा गया है, “हम कनाडा और ईयू के बीच और अधिक घनिष्ठ संबंध स्थापित करेंगे… और वर्ष 2027 के ईयू-कनाडा शिखर सम्मेलन तक ईयू के साथ कनाडा के और अधिक घनिष्ठ संबंधों की अवधारणा को परिभाषित करने की दिशा में काम करेंगे, जो पूर्ण सदस्यता से कम होगा।”
बयान के आगे के हिस्से में ‘और अधिक घनिष्ठ’ संबंधों के लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों में बदलाव कर ‘लगातार अधिक घनिष्ठ’ संबंधों का उल्लेख किया गया है। मसौदे को अभी अंतिम मंजूरी मिलना बाकी है। ईयू के सदस्य देशों को आपत्तियां दर्ज कराने के लिए शाम छह बजे तक का समय दिया गया है।
संबंधों को परिभाषित करने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले शब्दों पर मतभेद के बावजूद, ब्रसेल्स कनाडा के साथ व्यापक साझेदारी की पेशकश से पीछे नहीं हट रहा है।
कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने मंगलवार को कहा, “अच्छी बात यह है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि इसके लिए कौन-सा नाम या शब्दावली इस्तेमाल की जाती है। महत्वपूर्ण यह है कि इससे कनाडा के लोगों के जीवन में क्या बदलाव आएगा।”
