
उज्जैन। दो दिन पहले गले में फंदा डालकर फांसी लगाने वाली महिला की 2 दिन अस्पताल में चले उपचार के बाद रात में मौत हो गई। महिला बहू की मौत के बाद से डिप्रेशन में थी।
भैरवगढ़ क्षेत्र में रहने वाली अंगूरी बाई पति हीरालाल केवट 40 साल को दो दिन पहले मकान की ऊपरी मंजिल के कमरे से परिजनों ने फंदे से उतरा था। अंगूरी बाई ने साड़ी का फंदा बनाकर फांसी लगाई थी। परिजनों के निजी अस्पताल लाने पर उसकी सांसे चल रही थी जिसके चलते डॉक्टर ने आईसीयू में भर्ती किया था। दो दिन चले उपचार के बाद बीती रात महिला की मौत हो गई। गुरुवार सुबह पुलिस ने मर्ग कायम कर पोस्टमार्टम कराया। पुत्र राजेश ने बताया कि मां कुछ दिनों से डिप्रेशन में थी। दो माह पहले बहू कविता की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई थी नवजात शिशु भी नहीं बच पाया था। जिसके बाद से लगातार करने की बात कह रही थी। 13 तारीख को कविता का कार्यक्रम रखा गया था परिवार के सभी सदस्य आए थे घर में श्रद्धांजलि सभा चल रही थी। इस दौरान मां अंगूरी बाई ऊपरी कमरे में चली गई और फांसी लगा ली। परिवार में आई दो बच्चियों ने लटका देख शोर मचाया था। लेकिन मां को तत्काल फंदे से उतार लिया था लेकिन वह बेहोश हो गई थी। उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया था।
