बालोद, (वार्ता) छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में संभावित चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से 27 से 29 अक्टूबर तक भारी बारिश की आशंका के मद्देनजर जिला प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। पूर्व में अतिवृष्टि से प्रभावित 61 गांवों को विशेष निगरानी में रखा गया है। इसके साथ ही संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष को चौबीसों घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
कलेक्टर दिव्या उमेश मिश्रा ने समय-सीमा की बैठक में अधिकारियों को संभावित अतिवृष्टि से जनहानि और पशुधन की क्षति रोकने के लिए सभी आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जलभराव और बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों से जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने, राहत शिविरों की व्यवस्था करने तथा आपदा प्रबंधन दलों को तैयार रखने को कहा।
कलेक्टर ने विशेष रूप से गुरुर, गुंडरदेही और बालोद विकासखंड के अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों में सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। जिले के पूर्व में अतिवृष्टि से प्रभावित 61 गांवों में विशेष निगरानी की व्यवस्था की गई है। इन गांवों में कोटवारों के माध्यम से मुनादी कराकर ग्रामीणों को संभावित भारी बारिश और आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी जा रही है।
प्रशासन ने नदी-नालों के आसपास स्थित बस्तियों, निचले इलाकों और जलभराव की आशंका वाले क्षेत्रों में राहत एवं बचाव के संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए हैं। बाढ़ नियंत्रण और आपदा प्रबंधन के लिए स्थापित जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष को 24 घंटे संचालित किया जाएगा। नागरिक किसी भी आपात स्थिति में दूरभाष क्रमांक 07749-223950 अथवा आपातकालीन सेवा डायल 112 पर संपर्क कर सकते हैं। जिले में डायल 112 के 12 वाहनों को विभिन्न स्थानों पर तैनात रखा गया है।
संवेदनशील ग्राम पंचायतों में आपातकालीन परिस्थितियों के लिए 50 किलोग्राम से एक क्विंटल तक चावल का भंडारण सुनिश्चित करने और आवश्यकता पड़ने पर प्रभावित लोगों के लिए भोजन तैयार कराने हेतु रसोइयों की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अतिरिक्त जलभराव की आशंका वाले विद्यालयों की पहचान कर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों की सुरक्षा के आवश्यक उपाय करने को कहा गया है। स्वास्थ्य, शिक्षा, विद्युत, पशुपालन, लोक निर्माण और नगरीय निकायों सहित संबंधित विभागों को अपनी आपातकालीन कार्ययोजना तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से मौसम संबंधी आधिकारिक चेतावनियों का पालन करने तथा तेज बहाव वाले नदी-नालों और जलभराव वाले रास्तों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही बिजली के खंभों, खुले विद्युत तारों और जर्जर भवनों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है।
किसानों को भी संभावित बारिश को ध्यान में रखते हुए कृषि कार्यों में आवश्यक सावधानी बरतने को कहा गया है। प्रशासन ने नागरिकों से किसी भी आपात स्थिति में अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है।
