जबलपुर: हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की नई कार्यकारिणी के समक्ष संघ की वित्तीय पारदर्शिता, अधिवक्ताओं के बैठने की व्यवस्था और न्यायालय परिसर के आसपास यातायात प्रबंधन सुधारने की मांग उठाई गई है।डेमोक्रेटिक लायर्स फोरम के सचिव रवींद्र गुप्ता सहित एक सैकड़ा से अधिक अधिवक्ताओं ने अध्यक्ष एवं सचिव को पत्र लिखकर इन मुद्दों पर शीघ्र कार्रवाई करने और आगामी कार्यकारिणी बैठक में प्रस्तावों पर विचार के बाद साधारण सभा में जानकारी रखने का आग्रह किया है। पत्र में मांग की गई है कि 31 मार्च 2026 की स्थिति तथा नई कार्यकारिणी के कार्यभार ग्रहण करने की तारीख के संदर्भ में संघ के आय-व्यय का विस्तृत ब्यौरा प्रस्तुत किया जाए।
इसमें सावधि जमा (एफडीआर), कर्मचारियों के वेतन, चैंबरों से मिलने वाले किराये, फोटोकापी केंद्रों, दुकानों और कैंटीनों से होने वाली आय, आजीवन सदस्यों की सदस्यता फीस, वार्षिक सदस्यता शुल्क तथा बकाया फीस का विवरण शामिल करने को कहा गया है। साथ ही अगले वित्तीय वर्ष से चार्टर्ड अकाउंटेंट (सीए) के माध्यम से लेखा परीक्षण कराने का सुझाव दिया गया है। पत्र में कहा गया है कि पिछले दस वर्षों में अधिवक्ताओं की संख्या दोगुने से अधिक हो गई है। ऐसे में 500 से 1000 अधिवक्ताओं के बैठने की समुचित व्यवस्था करने की जरूरत है।
इसके लिए वरिष्ठता के आधार पर स्थान उपलब्ध कराने का सुझाव दिया गया है। हाई कोर्ट परिसर के आसपास अव्यवस्थित पार्किंग और यातायात जाम की समस्या की ओर भी ध्यान आकर्षित किया गया है। पत्र के अनुसार, इससे दुर्घटनाओं और विवादों की आशंका बनी रहती है। रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्रियों और स्कूली बच्चों को भी परेशानी होती है। इस समस्या के समाधान के लिए बार एसोसिएशन अथवा हाई कोर्ट की ओर से पर्याप्त कर्मचारियों की तैनाती तथा सुबह 9:30 से शाम 5 बजे तक पर्याप्त पुलिस बल और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था करने की मांग की गई है। पत्र के माध्यम से नई कार्यकारिणी से इन प्रस्तावों पर विचार कर उचित निर्णय लेने और सदस्यों के समक्ष कार्रवाई का विवरण रखने का आग्रह किया गया है।
