लखनऊ, उत्तर प्रदेश के स्थानीय उत्पादों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSME) को बड़ा बाजार देने के लिए उत्तर प्रदेश लघु उद्योग निगम ने एक ऐतिहासिक पहल की है। 26 अक्टूबर को लखनऊ में निगम अध्यक्ष राकेश गर्ग की अध्यक्षता में आयोजित 269वीं बोर्ड बैठक में ‘एक जिला एक उत्पाद’ (ODOP) और ‘एक जिला एक व्यंजन’ (ODOC) के उत्पादों को ‘शिल्पित’ (Shilpit) ब्रांड नेम के तहत बेचने का फैसला लिया गया। इस योजना के तहत प्रदेश के पारंपरिक और हस्तशिल्प उत्पादों को देश भर के रिटेल स्टोर्स के अलावा Amazon, Flipkart जैसे ई-कॉमर्स और Blinkit व Zepto जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराया जाएगा।
पायलट प्रोजेक्ट के तहत खुलेंगे दो रिटेल स्टोर, आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए लखनऊ और कानपुर में बनेंगे बड़े वेयरहाउस
इस योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने के लिए पहले चरण (पायलट प्रोजेक्ट) में दो अत्याधुनिक रिटेल स्टोर खोले जाएंगे। बिक्री की लगातार आपूर्ति और मजबूत वितरण नेटवर्क सुनिश्चित करने के लिए निगम पहले चरण में लखनऊ और कानपुर में बड़े वेयरहाउस स्थापित करेगा, जिसके बाद दूसरे चरण में आगरा और मुरादाबाद में भी वेयरहाउस खोले जाएंगे। इन्हीं वेयरहाउसों के जरिए ऑनलाइन-ऑफलाइन कैटलॉगिंग, इन्वेंटरी और स्टॉक मैनेजमेंट को नियंत्रित किया जाएगा। इसके अलावा, भविष्य में ‘शिल्पित’ ब्रांड के स्टोर्स को फ्रेंचाइजी मॉडल पर भी निजी ऑपरेटरों के माध्यम से विस्तार देने की योजना है।
छोटे उद्यमियों को एक सप्ताह में मिलेगा भुगतान, बिना बिके स्टॉक की वापसी सुविधा से एमएसएमई कारोबारियों को मिलेगा बड़ा प्रोत्साहन
योजना की सबसे बड़ी खासियत यूपी के छोटे और स्थानीय उद्यमियों के लिए पारदर्शी भुगतान प्रणाली तय करना है। निगम के प्रस्ताव के अनुसार, सामान की आपूर्ति करने वाले उद्यमियों को एक सप्ताह के भीतर पूरा भुगतान कर दिया जाएगा और जो उत्पाद नहीं बिक पाएंगे, उन्हें बिना किसी नुकसान के वापस लेने की व्यवस्था भी रहेगी। इस ऐतिहासिक पहल से न केवल प्रदेश के हजारों कारीगरों और एमएसएमई उद्यमियों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा, बल्कि यूपी लघु उद्योग निगम के लिए भी आय का नया और मजबूत जरिया विकसित होगा।

