रीवा शहर में सड़कों पर खुले घूम रहे गोवंश के कारण हादसों का खतरा लगातार बना हुआ है। सड़क पर बैठे मवेशी न केवल वाहन चालकों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं बल्कि खुद गोवंश की जान भी जोखिम में रहती है। इसके बावजूद गोपालकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।
नियमों में पशुपालकों पर जुर्माना लगाने से लेकर एफआईआर दर्ज कराने तक के प्रावधान हैं, लेकिन अब तक एक भी गोपालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कराई गई। ऐसे में सवाल उठता है कि जब तक जिम्मेदार पशुपालकों पर कार्रवाई नहीं होगी तब तक सड़कों पर गोवंश के कारण पैदा हो रही अराजकता पर अंकुश कैसे लगेगा।
तीन में से दो वाहन खराब, रेस्क्यू अभियान ठप
शहर में सड़कों पर घूमने वाले निराश्रित गोवंश को पकड़कर गौशाला पहुंचाने की जिम्मेदारी नगर निगम की है। लक्ष्मणबाग गौशाला में वर्तमान में 615 निराश्रित गोवंश रखे गए हैं। नगर निगम के पास गोवंश को सड़कों से उठाकर गौशाला पहुंचाने के लिए तीन वाहन हैं, लेकिन इनमें से दो वाहन खराब पड़े हैं। इसका सीधा असर गोवंश के रेस्क्यू अभियान पर पड़ रहा है। उपलब्ध व्यवस्था के चलते प्रतिदिन केवल दो से तीन घायल और बीमार गोवंश को ही गौशाला तक पहुंचाया जा रहा है। ऐसे में सड़कों पर घूमने और बैठने वाले अन्य गोवंश को हटाने की कार्रवाई प्रभावी ढंग से नहीं हो पा रही है।
टोल नाकों की व्यवस्था भी बेअसर
सड़कों से गोवंश हटाने के लिए एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग और टोल नाकों पर उपलब्ध कैटल कैचर वाहनों को भी उपयोग में लेने की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद सड़कों पर गोवंश की मौजूदगी बनी हुई है।
FIR का प्रावधान फिर भी कार्रवाई नहीं
सड़कों पर गोवंश के कारण होने वाले हादसों को रोकने के लिए पशुपालकों को अपने मवेशियों को खुला नहीं छोड़ने के निर्देश दिए जाते रहे हैं। इसके साथ ही लापरवाही करने वाले गोपालकों पर जुर्माना लगाने और जरूरत पड़ने पर एफआईआर दर्ज कराने जैसे प्रावधान भी हैं। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नियमों का पालन सुनिश्चित नहीं हो पा रहा है।
कार्रवाई होगी तभी थमेगा हादसों का खतरा
सड़कों पर खुले घूम रहे गोवंश की समस्या का समाधान करने के लिए नगर निगम और संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से काम करना होगा। सबसे पहले खराब पड़े वाहनों को दुरुस्त कर रेस्क्यू अभियान तेज करने की जरूरत है। इसके साथ ही सड़कों पर नियमित गश्त, घायल और बीमार गोवंश को तत्काल गौशाला पहुंचाने तथा पशुपालकों की पहचान कर नियमानुसार जुर्माना लगाने की कार्रवाई होनी चाहिए। तभी जाकर यह अराजकता रुक पाएगी।
स्वास्थ्य अधिकारी बोले – गाड़ी खराब है
नगर निगम द्वारा निराश्रित गोवंश को गौशाला तक पहुंचाने का काम नियमित होता है, इस समय गाड़ी खराब है जो मरम्मत के लिए गई है। इसके बाद भी 4 से 6 मवेशी लक्ष्मणबाग गौशाला पहुंचाए जा रहे हैं। अभी तक किसी भी गोपालक के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई है – मुरारी कुमार, स्वास्थ्य अधिकारी नगर निगम
