बालक की मौत पर सामने आए विरोधाभासी बयान

सतना : मैहर जिले के नादन थाना क्षेत्र अंतर्गत तलहान टोला में एक बालक की मौत हो जाने पर एक ओर जहां परिजनों द्वारा स्थानीय झोलाछाप चिकित्सक पर गलत उपचार करने के गंभीर आरोप लगाए गए. लेकिन वहीं दूसरी ओर थाने में कराई गई एफआईआर में इसका जिक्र न करते हुए जहरीला काटने की संभावना जताई गई. वहीं पुलिस द्वारा मृत बालक की विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने का इंतजार किया जा रहा है.
प्राप्त जानकारी के अनुसार मैहर जिले के नादन थाना क्षेत्र अंतर्गत तलहान टोला निवासी सुरेश पटेल के 11 वर्षीय पुत्र उज्जवल पटेल को रविवार की देर शाम लगभग 8 बजे अचानक असहनीय पीड़ा शुरु हो गई. जिसे देखते हुए परिजनों द्वारा स्थानीय बंगाली डाक्टर अंकित को बुलाया गया. कथित डाक्टर द्वारा बालक को खाने के लिए कुछ दवाएं दी गईं. हलांकि दवा देने के बाद कथित डाक्टर वहां से चला गया.

लेकिन दवा खाने के बाद भी बालक की पीड़ा कम नहीं हुई. जिसके चलते भोर के लगभग 4 बजे परिजन बालक को लेकर मैहर स्थित सिविल अस्पताल पहुंचे. जहां पर ड्यूटी डॉक्टर द्वारा जांच करने पर बालक को ब्रॉट डेड घोषित कर दिया गया. यह सुनते ही परिजनों के बीच कोहराम मच गया. रोते-बिलखते हुए परिजन बालक को शव को वापस घर ले आए. परिजनों ने कथित बंगाली डाक्टर पर गलत उपचार करने के गंभीर आरोप लगाए. जिसके चलते बालक की मृत्यु हो गई. वहीं घटना की गंभीरता को देखते हुए नादन थाने की पुलिस मौके पर पहुंच गई. पुलिस का कहना था परिजन लिखित शिकायत करें और मृत बालक के शव का पोस्टमार्टम कराया जाए. जिसके लिए परिजन राजी हो गए.
एफआईआर में आरोप नहीं
मृत बालक के चाचा गोकुल पटेल द्वारा थाने में दर्ज कराई गई एफआईआर में यह जानकारी दी गई कि उज्जवल के पैर में असहनीय पीड़ा के चलते स्थानीय बंगाली डाक्टर को बुलाया गया था. जिसके द्वारा कुछ दवाएं दी गई थीं. लेकिन आराम नहीं मिलने पर जब हास्पिटल ले गए तो वहां पर बालक को मृ़त घोषित कर दिया गया. इसी कड़ी में गोकुल द्वारा यह जिक्र भी किया गया कि उनके भतीजे के जांघ से लेकर घुटनों तक फफोले पड़ गए थे. जिसके चलते किसी जहरीले कीड़े के काटने से मृत्यु होने की संभावना जताई गई. वहीं थाना पुलिस का कहना है कि विस्तृत पीएम रिपोर्ट मिलने पर ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी

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