इंदौर: मध्य प्रदेश की प्रमुख मंडियों में शामिल देवी अहिल्याबाई होल्कर मंडी में सफाई व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित होती नजर आ रही है. मंडी परिसर में जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं और दुकानों के सामने जमा गंदगी से व्यापारी परेशान हैं. इस पूरे मामले में नगर निगम और मंडी प्रशासन के बीच भुगतान को लेकर विवाद बताया जा रहा है, जिसका खामियाजा मंडी में कारोबार करने वाले व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है.
देवी अहिल्याबाई होल्कर मंडी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में व्यापारी माल की खरीद-बिक्री करते हैं. यहां किसानों, व्यापारियों और ग्राहकों की आवाजाही बनी रहती है. इसके बावजूद मंडी परिसर में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने से जगह-जगह गंदगी जमा हो रही है. दुकानों के सामने कचरे के ढेर लगने से व्यापारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. व्यापारियों का कहना है कि मंडी में कारोबार करने के बदले उनसे मंडी शुल्क लिया जाता है, लेकिन जब सफाई जैसी बुनियादी सुविधा ही नहीं मिलेगी, तो उनकी समस्याओं का समाधान कौन करेगा? मंडी में फैली गंदगी से न केवल व्यापारियों को असुविधा हो रही है, बल्कि यहां आने वाले किसानों और ग्राहकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है. मंडी सचिव ओपी खेड़े का कहना है कि अक्टूबर महीने का रनिंग बिल बाकी है. बाकि सभी भुगतान किया जा चुका है. सफाई व्यवस्था प्रभावित हो रही है और मंडी में कचरे का ढेर लगातार व्यापारियों की परेशानी बढ़ा रहा है. अब सवाल यह है कि जब भुगतान को लेकर मंडी प्रशासन अपनी ओर से राशि दिए जाने की बात कह रहा है, तो सफाई व्यवस्था आखिर क्यों नहीं सुधर रही है?
तीन दिन का अल्टीमेटम…
मंडी में फैली गंदगी से परेशान व्यापारियों ने अब सख्त रुख अपनाने का संकेत दिया है. व्यापारियों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले तीन दिनों में मंडी परिसर की सफाई नहीं कराई गई और दुकानों के सामने जमा कचरा नहीं हटाया गया, तो वे मंडी टैक्स नहीं देंगे.
सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत
मंडी में सफाई व्यवस्था को लेकर परेशान लोगों ने सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत दर्ज कराई है. इसके बावजूद अब तक समस्या का समाधान होने को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है. व्यापारी इस इंतजार में हैं कि संबंधित अधिकारी मामले को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द सफाई व्यवस्था बहाल कराएं.
मंडी प्रशासन और नगर निगम के बीच समन्वय जरूरी
देवी अहिल्याबाई होल्कर मंडी में सफाई को लेकर पैदा हुई स्थिति ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. भुगतान संबंधी विवाद का असर सीधे मंडी के व्यापारियों और यहां आने वाले लोगों पर पड़ रहा है। ऐसे में जरूरी है कि मंडी प्रशासन और नगर निगम आपसी समन्वय से समस्या का समाधान निकालें तथा सफाई कर्मचारियों को दोबारा काम पर लगाकर नियमित सफाई सुनिश्चित करें.
