जबलपुर: प्रदेश में वकीलों की सबसे बड़ी संस्था मप्र स्टेट बार काउंसिल की नई कार्यकारिणी के संपन्न हुए चुनाव के बाद अब नये चेयरमेन की ताजपोशी की उल्टी गिनती शुरु हो गई है। कल बुधवार को एसबीसी की सामान्य सभा की बैठक में नये चेयरमेन का चयन किया जायेगा। जिसके बाद अन्य कमेटियों के अध्यक्षों की नियुक्तियां होगी। इस बार एसबीसी का चेयरमेन कौन होगा, इसकों लेकर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है, क्योकि इंदौर, जबलपुर, भोपाल और रीवा से निर्वाचित हुए सदस्यों ने ऐढ़ी चोटी का जोर लगा रखा है। जिसका फैसला बुधवार दोपहर बाद स्पष्ट होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है मप्र राज्य अधिवक्त परिषद की नवीन कार्यकारिणी के लिये संपन्न हुए चुनाव में 23 सदस्य निर्वाचित हुए थे, महिला उम्मीदवार भी शामिल थी, जिनके लिये पद आरक्षित थे। वहीं दो महिला सदस्यों को मनोनीत किया गया था। इस तरह पच्चीस सदस्यों के साथ एसबीसी का कोरम पूरा हुआ था। महाधिवक्ता भी एसबीसी में पदेन सदस्य होते है। उक्त सदस्यगण अपना चेयरमेन किसे नियुक्त करते है, इसकों लेकर कयासो का दौर जारी है। वहीं जबलपुर, इंदौर से की जा रहीं दावेदारी को मजबूत माना जा रहा है, लेकिन भोपाल से पूर्व सदस्य व चेयरमेन रह चुके श्री चौधरी भी मैदान में है, वहीं रीवा से निर्वाचित उम्मीदवार ने भी अपनी दावेदारी को लेकर कोई कोर-कसर नहीं छोड़ी है। जिससे किस करवट ऊंट बैठेगा इसका फैसला बुधवार को सामान्य सभा की बैठक समाप्ति पर होगा।
सहमति नहीं बनी तो गुप्त मतदान से होगा फैसला-
मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के अध्यक्ष और अन्य प्रमुख पदों के निर्वाचन को लेकर बार काउंसिल ऑफ इंडिया (बीसीआई) ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं। अब राज्य बार काउंसिल के शीर्ष पदों पर एक से अधिक उम्मीदवार होने की स्थिति में हाथ उठाकर मतदान या खुले तौर पर समर्थन जताने की प्रक्रिया नहीं अपनाई जा सकेगी। ऐसी स्थिति में निर्वाचन गुप्त मतदान यानी सीक्रेट बैलेट के माध्यम से ही कराया जाएगा। बीसीआई ने इस संबंध में स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए चुनाव प्रक्रिया में गोपनीयता, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित करने पर जोर दिया है। इस निर्णय को मध्य प्रदेश स्टेट बार काउंसिल के आगामी निर्वाचन के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि आपसी सहमति से फैसला नहीं हुआ तब गुप्त मतदान की प्रकिया से फैसला होगा।
नवनिर्वाचित सदस्यों के आवेदनों पर बीसीआई ने जारी किये निर्देश-
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सचिव अशोक कुमार पांडेय की ओर से भेजे गए पत्र में निर्वाचन के दौरान लागू किए जाने वाले नियमों और मतदान की प्रक्रिया को स्पष्ट किया गया है। यह कार्रवाई नवनिर्वाचित सदस्यों नवीन शुक्ला, राकेश सिंह भदौरिया, दिनेश शुक्ला, प्रवीण तिवारी, नित्यानंद मिश्रा और वरिष्ठ अधिवक्ता जितेंद्र कुमार शर्मा की ओर से 21 और 22 अक्टूबर 2026 को दिए गए आवेदनों के बाद सामने आई है। बीसीआई ने इस मामले में महाधिवक्ता एवं स्पेशल कमेटी के चेयरमैन प्रशांत सिंह को आवश्यक निर्देश भेजे हैं।
महाधिवक्ता को निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी-
बीसीआई ने मध्य प्रदेश के महाधिवक्ता और स्पेशल कमेटी के चेयरमैन प्रशांत सिंह को निर्देश भेजकर निर्वाचन की निष्पक्षता और शुचिता बनाए रखने पर जोर दिया है। निर्देशों के अनुसार चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र और निष्पक्ष वातावरण में संपन्न कराई जानी चाहिए। मतदान के दौरान प्रत्येक मतदाता सदस्य को बिना किसी दबाव के अपनी पसंद का उम्मीदवार चुनने का अवसर मिलना चाहिए। इसके लिए मतदान केंद्र पर ऐसी व्यवस्था जरूरी होगी, जिसमें मतदाता की पसंद गोपनीय बनी रहे।
