तेहरान, मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध का खतरा एक बार फिर मंडराने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर जल्द सैन्य हमले के दिए गए संकेतों के बाद तेहरान ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने दो टूक शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका या किसी अन्य देश द्वारा ईरान पर दोबारा सैन्य कार्रवाई की कोशिश पूरी तरह अविवेकपूर्ण और आत्मघाती कदम होगा। अराघची ने साफ किया कि चाहे नया युद्ध छिड़े या न छिड़े, क्षेत्रीय सुरक्षा और अपनी संप्रभुता को लेकर ईरान की नीतियों में कोई बदलाव नहीं आने वाला है।
ईरानी विदेश मंत्री का दावा— 40 दिनों के संघर्ष के बाद बदली स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति, 80 से ज्यादा अमेरिकी विमान नष्ट किए गए
ईरानी विदेश मंत्री ने तेहरान में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दावा किया कि 40 दिनों तक चले सैन्य संघर्ष के बाद ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ की स्थिति अब पहले जैसी नहीं रही है और इस युद्ध ने पूरे पश्चिम एशिया की सुरक्षा व्यवस्था में बुनियादी बदलाव कर दिए हैं। अराघची ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि ईरानी सेना ने संघर्ष के दौरान जमीन पर मौजूद 80 से अधिक अमेरिकी लड़ाकू विमानों को मिसाइल हमलों से तबाह कर दिया। साथ ही उन्होंने सऊदी मीडिया की उन खबरों को पूरी तरह खारिज और मनगढ़ंत करार दिया, जिनमें कहा जा रहा था कि ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका को नाकेबंदी हटाने का प्रस्ताव भेजा है।
ट्रंप ने फ्लोरिडा में मतदान के बाद जताई हमले की संभावना, कहा— ईरान समझौता करना चाहता है पर 259 जहाज हो चुके हैं नष्ट
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में मतदान के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए संकेत दिया कि ईरान के खिलाफ जल्द ही कोई सख्त सैन्य कदम उठाया जा सकता है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के चलते ईरान के लगभग सभी लड़ाकू विमान निष्क्रिय कर दिए गए हैं और उसके 259 जहाजों को समुद्र में डुबो दिया गया है। ट्रंप ने कहा कि हालांकि ईरान एक समझौता करने का इच्छुक दिखाई दे रहा है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह उस पर अमल करेगा। दोनों देशों के बीच जारी इस जुबानी और सैन्य तनातनी ने पूरे वैश्विक ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में खलबली मचा दी है।

