बागली:बेहरी क्षेत्रीय प्राचीन धार्मिक परंपरा गरबी महोत्सव का पूर्णिमा रात्रि 12बजे से 4 के मध्य विसर्जन के साथ समापन हुआ ज्ञात रहे दशहरा पर्व के एक दिन बाद से केलीया पूर्णिमा अवसर तिथि तक 5 दिनों तक अखण्ड जोत जलाने के बाद उसकी पूजा करते हुए नियम का पालन करते हुए घर पर रखी ज्योति वाली गरबी को परिवार की वरिष्ठ महिलाओं ने तथा सार्वजनिक रूप से मंदिर में रखी गई गरबी को श्रद्धालु पुरुषों द्वारा बहती नदी में पूजा पाठ करते हुए नियम अनुसार विसर्जित किया गया मान्यता अनुसार जलती हुई ज्योति रूपी आदी मां शक्ति से जो भी मान या मनोकामना की जाती है, वह निश्चित रूप से पूर्ण होती है ।
इसी विश्वास के साथ प्रतिवर्ष अलग-अलग संकल्प के साथ परिवार के लोग घर में ज्योत खड़ी करते हैं। बेहरी से जुड़े युवा किसान एवं हिंदू सभा के पदाधिकारी केदार पाटीदार ने बताया कि अकेले बेहरी में 25 से अधिक परिवारो इस प्रकार का संकल्प लेते हैं और उसे पूरा करते हैं। यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है धार्मिक मान्यता अनुसार सच्चे दिल से और पूरी आस्था विश्वास के साथ जोत जलाने से सभी मनोकामना पूर्ण होती है।
