
इंदौर: शहर में बिजली विभाग द्वारा मेंटेनेंस के नाम पर लगातार बिजली कटौती की जा रही है. विभाग की ओर से उपभोक्ताओं को मैसेज भेजकर बिजली बंद रहने की सूचना दी जाती है, लेकिन इसके बावजूद मुख्य मार्गों पर बिजली के खंभों पर बेलें लिपटी हुई हैं और कई जगह झाड़ियां खंभों तक फैल गई हैं. ऐसे में मेंटेनेंस के दावों के बीच बिजली के खंभों की यह स्थिति व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही है.
बिजली के खंभों पर फैली बेलें और आसपास उगी झाड़ियां संभावित खतरे का कारण बन सकती हैं, खासकर तब, जब वे बिजली के तारों या उपकरणों के संपर्क में पहुंच जाएं. ऐसी स्थिति में समय रहते निरीक्षण और छंटाई जरूरी है, ताकि किसी अप्रिय घटना की आशंका को दूर किया जा सके. शहर के मुख्य मार्गों पर ही बिजली के खंभों की देखरेख का अभाव दिखाई दे रहा है, तो अन्य क्षेत्रों में रखरखाव की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है.
मेंटेनेंस के नाम पर बिजली बंद करने के बावजूद यदि खंभों पर लिपटी बेलों और आसपास फैली झाड़ियों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि आखिर रखरखाव के दौरान किन कार्यों को प्राथमिकता दी जा रही है. मेंटेनेंस के नाम पर लगातार बिजली कटौती के बावजूद मुख्य मार्गों पर खंभों पर लिपटी बेलें और फैली झाड़ियां बिजली विभाग के रखरखाव कार्यों की हकीकत बयां कर रही हैं. ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब मेंटेनेंस के लिए बिजली बंद की जाती है, तो इन खंभों की स्थिति पर ध्यान क्यों नहीं दिया जाता. संभावित खतरे के बीच विभाग की कार्यप्रणाली और मेंटेनेंस की प्राथमिकताएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं.
