
जबलपुर। केंद्र शासन के शिक्षा मंत्रालय द्वारा संचालित उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत शनिवार को नवसाक्षरों की परीक्षा का आयोजन किया गया। सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक संख्यात्मक और अक्षर ज्ञान की इस परीक्षा में 43 हजार से अधिक नवसाक्षर शामिल हुए। परीक्षा जिलेकी सभी शालाओं में आयोजित की गई थी।
जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी अंजनी सेलट ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर नवसाक्षर परीक्षार्थियों का तिलक लगाकर, माला पहनाकर एवं पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। विद्यार्थियों द्वारा स्वागत गीत एवं वंदन प्रस्तुत किए गए। विशेष रूप से बुजुर्ग परीक्षार्थियों का उत्साह देखते ही बनता था। परीक्षा के दौरान नवसाक्षरों में शिक्षा प्राप्त करने के प्रति विशेष उत्साह दिखाई दिया। श्रीमती सेलट ने बताया कि उल्लास नवभारत शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत केंद्रीय जेल में भी नवसाक्षर बंदियों की परीक्षा आयोजित की गई। जेल की चार दीवारी के भीतर आयोजित इस परीक्षा में 180 पुरुष एवं 20 महिला बंदियों सहित कुल 200 बंदी परीक्षार्थी शामिल हुए।
जिला प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी अंजनी सेलट, जिला सह-समन्वयक साक्षरता मनोज पांडे तथा जिले के समस्त विकासखंड एवं संकुल सह-समन्वयकों द्वारा परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया गया। सभी संबंधित अधिकारियों एवं समन्वयकों ने राज्य द्वारा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप अधिकाधिक नवसाक्षरों को परीक्षा में सम्मिलित कराने तथा परीक्षा के सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ज्ञात हो कि उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत जिले में नवसाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान प्रदान करने जिले की सभी शालाओं में सामाजिक चेतना केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से असाक्षर व्यक्तियों को साक्षर बनाने के लिए 4 हजार से अधिक अक्षर साथी स्वैच्छिक सेवाएँ प्रदान कर रहे हैं।
