रात्रि 8 बजे से पहले और 10 बजे के बाद नहीं चलाये जा सकेंगे पटाखे

जबलपुर। जिला दण्डाधिकारी एवं कलेक्टर अरूण कुमार विश्वकर्मा ने सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय हरित अधिकरण द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं मध्यप्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड जबलपुर के क्षेत्रीय अधिकारी द्वारा भेजी गई जिले की वायु गुणवत्ता रिपोर्ट को दृष्टिगत रखते हुये भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता-2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी कर जिले में ऐसे पटाखों के क्रय-विक्रय भण्डारण एवं परिवहन की गतिविधियों पर रोक लगा दी है, जिनके निर्माण में बेरियम साल्ट का इस्तेमाल किया गया हो। प्रतिबंधात्मक आदेश तत्काल प्रभावी हो गया है और यह आगामी आदेश तक लागू रहेगा। जिला दण्डाधिकारी ने प्रतिबंधात्मक आदेश में लड़ी में (जुड़े हुये) पटाखों एवं ऐसे पटाखों जिनकी तीव्रता विस्फोट स्थल से 4 मीटर की दूरी पर 125 डेसीबल से अधिक हो के क्रय-विक्रय भण्डारण एवं परिवहन पर भी रोक लगाई है। इसके साथ ही एण्टीमोनी लिथियम, मरकरी, आर्सेनिक, लेड, स्ट्रोनटियमक्रोमेट का उपयोग कर बनाये गये पटाखों के क्रय-विक्रय, भण्डारण एवं परिवहन को भी प्रतिबंधित किया गया है। आदेश में कहा गया है कि पटाखों का ई-कॉमर्स व निजी व्यक्तियों द्वारा ऑनलाइन विक्रय तथा गैर

लायसेंसी विक्रय पर भी पूर्णत: रोक रहेगी। रात्रि 8 बजे से पहले एवं रात्रि 10 बजे के बाद पटाखे चलाना भी प्रतिबंधित रहेगा। प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुसार त्यौहार के दौरान अस्पताल, नर्सिग होम, स्वास्थ्य केन्द्र, शिक्षण संस्थानों, न्यायालयों, धार्मिक स्थलों आदि जैसे शांत क्षेत्रों से 100 मीटर की दूर तक पटाखे नहीं चलाये जा सकेंगे। आयुध निर्माणी, पेट्रोल पम्प, गैस गोदाम एवं गैस ऐजेंसी, पटाखा बाजार इत्यादि ज्वलनशील स्थानों पर भी पटाखे चलाना प्रतिबंधित रहेगा। आदेश के मुताबिक प्रत्येक पटाखा लायसेंसधारी को इस आशय का स्व-घोषणा पत्र संबंधित अनुविभागीय दंडाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा कि वे सर्वोच्च न्यायालय द्वारा प्रतिबंधित पटाखे न बना रहे हैं, न परिवहन कर रहे हैं, न बेच रहे हैं और न ही भंडारण कर रहे हैं। आदेश में वायु प्रदूषण को देखते हुए त्यौहार के दौरान ग्रीन पटाखों के क्रय-विक्रय, वितरण व उपयोग करने कहा गया है। प्रतिबंधात्मक आदेश में स्पष्ट किया गया है कि पटाखा चलाने के बाद उत्पन्न कचरे को ऐसे स्थान पर नहीं फेका जा सकेगा जहां प्राकृतिक जल स्त्रोत एवं पेयजल स्त्रोत प्रदुषित होने की संभावना हो। आदेश में कहा गया है कि इस कचरे को एकत्रित कर संबंधित स्थानीय निकायों के सफाई कर्मचारियों को ही

सौंपा जाये। आदेश में कहा गया है कि सर्वोच्च न्यायालय व हरित अधिकरण सेंट्रल जोन भोपाल के आदेशानुसार

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा दीपावली से सात दिन पहले एवं दीपावली के सात दिन बाद कुल 14 दिन परिवेशीय वायु मॉनिटरिंग नियमित पैरामीटर के साथ एल्यूमीनियम, बेरियम, आयरन जैसे प्रदूषक तथा मानको के अनुरूप निर्धारित ध्वनि स्तर के पटाखों का निर्माण एवं विक्रय की जांच के लिए नमूनें एकत्रित कर अपनी प्रयोगशाला में विश्लेषण करेंगे। अनुविभागीय दंडाधिकारी अपने अधीनस्थ अधिकारियों- कर्मचारियों के माध्यम से जिले के सभी पटाखा निर्माताओं, भंडारणकर्ताओं एवं लायसेंसी विक्रयकर्ताओं से संदेहास्पद प्रतिबंधित पटाखों की स्थिति में सेंपल लेकर प्रदूषण नियंत्रण मंडल की विजय नगर स्थित प्रयोगशाला में प्रस्तुत करेंगे।

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