उज्जैन:आगामी सिंहस्थ महाकुंभ 2028 की तैयारियों को लेकर धर्मनगरी उज्जैन में संत समाज की महत्वपूर्ण एवं ऐतिहासिक बैठक आयोजित की गई। बड़नगर रोड स्थित निरंजनी अखाड़ा में आयोजित इस बैठक में विभिन्न अखाड़ों के पूज्य संत एक मंच पर एकत्र हुए और सिंहस्थ महाकुंभ 2028 को भव्य, दिव्य एवं सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए आपसी समन्वय और एकजुटता का संदेश दिया।
बैठक में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत रवींद्र पुरी महाराज के उज्जैन आगमन पर संतों ने उनका आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर निरंजनी अखाड़ा में भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में संत-महात्माओं एवं श्रद्धालुओं ने सहभागिता की।बैठक के दौरान सिंहस्थ महाकुंभ की तैयारियों, अखाड़ों की भूमिका, संत समाज की सहभागिता तथा आयोजन को सफल बनाने के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संतों ने कहा कि सिंहस्थ केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति, आध्यात्मिक परंपरा और भारतीय संस्कृति की वैश्विक पहचान का महापर्व है। इसे भव्य एवं गरिमामय बनाने के लिए सभी अखाड़े मिलकर कार्य करेंगे।
संतों ने विश्वास व्यक्त किया कि शासन, प्रशासन और संत समाज के समन्वित प्रयासों से सिंहस्थ महाकुंभ 2028 ऐतिहासिक एवं अविस्मरणीय बनेगा। बैठक के अंत में सभी संतों ने सनातन धर्म की एकता एवं अखाड़ों के सामूहिक सहयोग का संकल्प दोहराया।
