क्राइस्टचर्च, 25 अक्टूबर (वार्ता) न्यूज़ीलैंड के ख़िलाफ़ दूसरे टी 20 में 181 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम एक समय 70 रन पर पांच विकेट गंवाकर गहरे संकट में थी। ऐसी मुश्किल परिस्थिति में तिलक वर्मा ने शानदार अर्धशतकीय पारी खेली और नमन धीर एवं नीतीश कुमार रेड्डी के साथ मिलकर भारत को मैच में बनाए रखा। तिलक और रेड्डी ने सातवें विकेट के लिए महज़ 31 गेंदों पर 69 रन की अटूट साझेदारी करके भारत को चार विकेट से जीत दिलाई। यह पुरुष टी20 में भारत की ओर से सातवें या उससे निचले विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी है। साथ ही, भारत ने पांचवां विकेट गिरने के बाद 111 रन बनाए, जो टी20 में उसका इस स्थिति से सबसे बड़ा सफल रन चेज़ है।
मैच के हीरो रहे तिलक वर्मा ने 26 गेंदों पर नाबाद 51 रन बनाए। प्लेयर ऑफ़ द मैच चुने जाने के बाद तिलक ने कहा, “जब मैं बल्लेबाज़ी के लिए उतरा, तो मरा ध्यान सिर्फ़ आख़िरी गेंद तक टिके रहने पर था। आज के मैच से पहले मेरी गौतम (गंभीर) सर और (सितांशु) कोटक सर से बात हुई थी। उन्होंने कहा था कि पूरे देश को तुम पर भरोसा है और अगर तुम अंत तक खड़े रहे, तो हम यह मैच जीत सकते हैं।”
पिच पहले मैच जैसी नहीं थी, जहां 225 रनों के लक्ष्य को भारत ने दो गेंद शेष रहते हासिल कर लिया था। इस पिच पर गेंद रुककर आ रही थी और मिचेल सैंटनर की अगुवाई में न्यूज़ीलैंड के स्पिनरों ने भारतीय मध्य क्रम को जकड़ लिया था। सैंटनर ने 21 रन देकर चार विकेट झटके। 15वें ओवर में जब धीर (17 गेंदों पर 31 रन) आउट हुए, तब भारत का स्कोर छह विकेट पर 112 रन था और टीम को आख़िरी पांच ओवरों में 68 रन बनाने थे।
तिलक ने स्पिनरों के ख़िलाफ़ अपनी रणनीति और रेड्डी के साथ तालमेल पर बात करते हुए कहा, “मैं नमन से भी कह रहा था कि हमें अंत तक टिके रहना होगा। विकेट धीमा था। योजना यह थी कि स्पिनरों के ख़िलाफ़ संभलकर खेलें और डबल्स निकालें। हमने स्पिन के ख़िलाफ़ चार-पांच बार दो रन लिए, जो बेहद अहम साबित हुए। बदक़िस्मती से मिचेल के आख़िरी ओवर में नमन आउट हो गए, वरना हम यह मैच 18वें ओवर में ही जीत जाते। इसके बाद हम दो हैदराबादी लड़के (मैं और रेड्डी) साथ आए और मुझे ख़ुशी है कि हम मैच ख़त्म करके लौटे। हमने काफ़ी अच्छे अंदाज़ में मैच फ़िनिश किया।”
आख़िरी पांच ओवर भारत के लिए निर्णायक साबित हुए। टीम ने 16वें ओवर से लेकर 19.5 ओवर तक बिना कोई विकेट गंवाए 68 रन बनाए। तिलक ने इस दौरान आक्रामक बल्लेबाज़ी की और रेड्डी ने दूसरे छोर से उनका बख़ूबी साथ दिया। तिलक का टी20 में लक्ष्य का पीछा करते हुए रिकॉर्ड भी शानदार रहा है। वह जब भी चेज़ में नाबाद रहे हैं, उनकी टीम कभी नहीं हारी। वह 26 बार लक्ष्य का पीछा करते हुए नाबाद रहे हैं और इन सभी मौक़ों पर उनकी टीम को जीत मिली है।
भारतीय कप्तान श्रेयस अय्यर ने भी जीत के बाद दोनों युवा खिलाड़ियों के जज़्बे की तारीफ़ की। उन्होंने कहा, “हमारी टीम का हर खिलाड़ी मैच विनर है और आज हमें इसका सटीक उदाहरण देखने को मिला। जब हमने लगातार विकेट गंवाए, तब लगा कि मैच हाथ से फिसल रहा है। लेकिन नीतीश और तिलक ने ज़बरदस्त कैरेक्टर दिखाया।”
इस जीत के साथ भारत ने पांच मैचों की सीरीज़ में 2-0 की महत्वपूर्ण बढ़त बना ली है।