बैतूल। मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मोरखा स्थित बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा में करीब डेढ़ करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। आरोप है कि खाताधारकों को कागजों में मृत दिखाकर फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के जरिए उनकी फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) तुड़वाई गई। इसके अलावा नेट बैंकिंग से जुड़े मोबाइल नंबर बदलकर खातों से रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का भी आरोप है।
पुलिस ने मामले में बैंक के असिस्टेंट मैनेजर लुकेश गोखे, टैक्सी ड्राइवर गौरव सूर्यवंशी और 15 वर्षीय नाबालिग को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, नाबालिग बैंक शाखा के पास ऑनलाइन कियोस्क सेंटर चलाता था और उस पर खाताधारकों की जमा राशि से जुड़ी जानकारी जुटाने का आरोप है।
जांच में जनवरी 2026 से अब तक खाताधारकों के पंजीकृत मोबाइल नंबर करीब 10 बार बदले जाने की जानकारी सामने आई है। पुलिस का कहना है कि टैक्सी ड्राइवर के बैंक खाते में कथित हेराफेरी की बड़ी रकम मिली है और संबंधित खाते को फ्रीज कराया गया है।
मामले में अब तक छह खाताधारकों की शिकायतों पर अलग-अलग अपराध दर्ज किए गए हैं। पुलिस ने छह मोबाइल फोन, करीब 8.28 लाख रुपये का सोना, 1.40 लाख रुपये की चांदी और लगभग 12 लाख रुपये कीमत की कार जब्त की है। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 22.33 लाख रुपये बताई गई है।
फिलहाल पुलिस अन्य बैंक खातों और लेनदेन की जांच कर रही है। कथित धोखाधड़ी की कुल राशि और प्रभावित खाताधारकों की संख्या जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
