
इंदौर. क्रिसेंट वाटर पार्क के सामने घायल हालत में दिखाई दिए तेंदुए की तलाश में वन विभाग ने उसी जगह पिंजरा लगा दिया है, जहां वह नजर आया था. घटना के बाद से अब तक तेंदुए की कोई नई हलचल नहीं मिली है. वन विभाग की टीम पूरे क्षेत्र में सर्चिंग कर चुकी है, लेकिन न तो तेंदुए के दोबारा दिखाई देने की जानकारी मिली और न ही उसके किसी पशु पर हमला करने का पता चला है. इस बीच तेंदुए की आवाजाही को लेकर एक नई आशंका सामने आई है. ग्रामीणों के अनुसार, गांव के मुहाने पर फेंके जाने वाले गाजर के खराब माल को खाने के लिए बड़ी संख्या में जंगली सुअर पहुंचते हैं. माना जा रहा है कि तेंदुआ इनका शिकार करने के लिए इस क्षेत्र में आने लगा हो.
रालामंडल एसडीओ सुभाष शर्मा ने नव भारत को बताया कि तेंदुए की गतिविधि वाले पूरे क्षेत्र में वन विभाग की टीम ने सर्चिंग की है. अब तक किसी पशु पर उसके हमले की जानकारी नहीं मिली है. ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पास स्थित गाजर कोल्ड स्टोरेज में खराब होने वाला माल गांव के मुहाने पर फेंक दिया जाता है. इसे खाने के लिए जंगली सुअर बड़ी तादाद में आते हैं. संभावना है कि तेंदुआ इन्हीं जंगली सुअरों के शिकार के लिए यहां पहुंच रहा हो. फिलहाल वन विभाग की टीम निगरानी कर रही है और तेंदुए की गतिविधि पर नजर रखी जा रही है.
