
ग्वालियर, पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की ओर से शुक्रवार को ‘प्रयोगशाला से युद्धक्षेत्र तक’ विषय पर एक दिवसीय एमएसएमई रक्षा सम्मेलन आयोजित किया गया। ग्वालियर मैनेजमेंट एसोसिएशन और एमएसएमई काउंसिल कमेटी के सहयोग से हुए सम्मेलन में रक्षा उत्पादन में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों की भागीदारी बढ़ाने और स्वदेशी तकनीक को प्रोत्साहित करने पर चर्चा की गई।
कार्यक्रम में मध्यप्रदेश चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष एवं ग्वालियर मैनेजमेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण अग्रवाल ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना को साकार करने में स्थानीय उद्योगों की अहम भूमिका है। रक्षा बजट का उपयोग देश में रक्षा उपकरणों और उनसे जुड़ी सामग्री के निर्माण में करने से आर्थिक समृद्धि बढ़ेगी और दूसरे देशों पर निर्भरता भी कम होगी।
चर्चा में रक्षा उत्पादन विभाग, वायुसेना, व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर, भारत सरकार के एमएसएमई विभाग, भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (सिडबी) और निजी औद्योगिक संस्थानों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम के समापन पर म.प्र. चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री, के उपाध्यक्ष संदीप नारायण अग्रवाल ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मेलन ग्वालियर सहित पूरे मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। सम्मेलन में रक्षा उत्पादन विभाग, रक्षा मंत्रालय के उप महानिदेशक विनोद कुमार, संयुक्त निदेशक पी.एस. उन्नीराज, मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम की कार्यकारी निदेशक आईएएस अनीषा श्रीवास्तव, रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान के एसोसिएट डायरेक्टर डॉ. विकास बी. धाकरे, एमएसएमई प्रमोशन काउंसिल के अध्यक्ष भूपिंदर कुमार शर्मा और व्हीकल फैक्ट्री जबलपुर के महाप्रबंधक के.आर. मीना सहित रक्षा विशेषज्ञ, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय उद्यमी मौजूद रहे।
