
रीवा, रीवा के गढ़ में नईगढ़ी मार्ग पर 23 अक्टूबर को सुबह करीब 10:30 बजे सडक़ किनारे लगा एक विशाल बोर्ड अचानक भरभराकर गिर गया. बताया गया कि घटना के समय न तो तेज हवा चल रही थी और न ही किसी वाहन की टक्कर से बोर्ड गिरने की जानकारी सामने आई. बोर्ड को सहारा देने वाले मोटे लोहे के पायों में जंग लगी होने की बात भी सामने आई है.
घटना के बाद संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली और रखरखाव व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं. जिस स्थान पर बोर्ड लगा था, वह चौराहा भीड़भाड़ वाला बताया जा रहा है, जहां से प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग और वाहन गुजरते हैं. ऐसे में यदि बोर्ड किसी राहगीर, वाहन चालक या अन्य व्यक्ति के ऊपर गिर जाता, तो गंभीर दुर्घटना हो सकती थी. गनीमत रही कि एक बड़ा हादसा टल गया.
रखरखाव और निरीक्षण पर उठे सवाल
सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाने वाले बड़े बोर्डों की मजबूती, लोहे के पायों की स्थिति और सुरक्षा व्यवस्था की समय-समय पर जांच किया जाना आवश्यक है. यदि बोर्ड के सहारे देने वाले पायों में जंग लग चुकी थी, तो यह जांच का विषय है कि संबंधित विभाग ने समय रहते इसका निरीक्षण और रखरखाव क्यों नहीं कराया.
जांच के बाद ही तय होगी जिम्मेदारी
इस घटना में प्रथम दृष्टया रखरखाव संबंधी लापरवाही की आशंका जताई जा रही है, लेकिन वास्तविक कारण और जिम्मेदारी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी. संबंधित विभाग को घटना की जांच कराकर यह पता लगाना चाहिए कि बोर्ड किन परिस्थितियों में गिरा और इसके रखरखाव की जिम्मेदारी किस अधिकारी या एजेंसी के पास थी. अब सवाल यह है कि क्या संबंधित विभाग इस घटना को गंभीरता से लेते हुए जांच कराएगा, या किसी बड़ी दुर्घटना के बाद ही सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त करने की पहल होगी? सार्वजनिक सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आसपास लगे अन्य बोर्डों की भी जांच कराना जरूरी है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो.
