ल्हासा। चीन के तिब्बत क्षेत्र में आए शक्तिशाली भूकंप ने भारी नुकसान पहुंचाया है। भूकंप के झटकों से कई इमारतें ढह गईं, जबकि बिजली और दूरसंचार सेवाएं भी प्रभावित हुईं। शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, इस आपदा में 16 लोगों की मौत हुई है और 32 लोग घायल हुए हैं। वहीं, 300 से अधिक मकानों के ढहने की जानकारी सामने आई है।
10 किलोमीटर की गहराई में था भूकंप का केंद्र
स्थानीय समय के अनुसार, गुरुवार रात करीब 10 बजकर 33 मिनट पर नागचू क्षेत्र की बाछेन काउंटी में भूकंप आया। इसका केंद्र मरु टाउनशिप के पास जमीन से लगभग 10 किलोमीटर नीचे था। तेज झटकों के कारण लोगों में अफरा-तफरी मच गई और लोग जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकल आए। कई लोगों ने खुले स्थानों और वाहनों में शरण ली।*राहत और बचाव अभियान जारी
भूकंप के बाद स्थानीय प्रशासन और बचाव दल प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्यों में जुट गए हैं। मलबे में फंसे लोगों की तलाश की जा रही है और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। बिजली और संचार सेवाएं बाधित होने से राहत कार्यों में चुनौतियां आ रही हैं। प्रशासन नुकसान का आकलन कर रहा है। बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों, घायलों और संपत्ति के नुकसान से जुड़े आंकड़ों में बदलाव हो सकता है।
भूकंप के लिहाज से संवेदनशील है तिब्बत
तिब्बत का क्षेत्र भूगर्भीय गतिविधियों के कारण भूकंप के लिहाज से संवेदनशील माना जाता है। यहां भारतीय और यूरेशियन टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल के कारण समय-समय पर शक्तिशाली भूकंप आते हैं। जनवरी 2025 में भी तिब्बत में 7.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिसमें बड़े पैमाने पर जान-माल का नुकसान हुआ था। ताजा घटना ने एक बार फिर इस पर्वतीय क्षेत्र में आपदा प्रबंधन और त्वरित राहत व्यवस्था की चुनौतियों को सामने ला दिया है।
